मोर संग चलव रे … Mor Sang Chalav Re
24 अग 2010 28s टिप्पणियाँ
in भूली बिसरी यादें Tags: खुमान गिरजा, लक्ष्मण मस्तुरिया
Download: MorSangChaloRe.MP3
मोर संग चलव रे
मोर संग चलव जी
मोर संग चलव गा
मोर संग चलव रे
ओ गिरे थके हपटे मन
अऊ परे डरे मनखे मन
मोर संग चलव जी
मोर संग चलव रे
मोर संग चलव गा
मोर संग चलव जी
ओ गिरे थके हपटे मन
अऊ परे डरे मनखे मन
मोर संग चलव गा
मोर संग चलव रे
मोर संग चलव जी
मोर संग चलव रे
अमरैया कस जुड छांव मै
मोर संग बईठ जुडालव
अमरैया कस जुड छांव मै
मोर संग बईठ जुडालव
पानी पिलव मै सागर अव
दुःख पीरा बिसरालव
पानी पिलव मै सागर अव
दुःख पीरा बिसरालव
नवा जोत लव नव गाँव बर
नवा जोत लव नव गाँव बर
रस्ता नवा गढव रे
मोर संग चलव जी
मोर संग चलव गा
मोर संग चलव रे
मोर संग चलव जी
मोर संग चलव रे
ओ गिरे थके हपटे मन
अऊ परे डरे मनखे मन
मोर संग चलव रे
मोर संग चलव जी
मोर संग चलव गा
मोर संग चलव रे
मै लहरी अव
मोर लहर मा
फरव फूलो हरियावअ
मै लहरी अव
मोर लहर मा
फरव फूलो हरियावअ
महानदी मै अरपा पैरी
तन मन धो हरियालव
महानदी मै अरपा पैरी
तन मन धो हरियालव
कहाँ जाहु बड दूर हे गँगा
कहाँ जाहु बड दूर हे गँगा
पापी ईहे तरो रे
मोर संग चलव जी
मोर संग चलव रे
मोर संग चलव गा
मोर संग चलव जी
मोर संग चलव रे
ओ गिरे थके हपटे मन
अऊ परे डरे मनखे मन
मोर संग चलव गा
मोर संग चलव रे
मोर संग चलव जी
मोर संग चलव रे
दीपक संग जूझे बर भाई
मै बाना बांधे हव
दीपक संग जूझे बर भाई
मै बाना बांधे हव
सरग ला पृथ्वी मा ला देहूं
प्रण अइसन ठाने हव
सरग ला पृथ्वी मा ला देहूं
प्रण अइसन ठाने हव
मोर सिमट के सरग निसइनी
मोर सिमट के सरग निसइनी
जुर मिल सबव चढ़व रे
मोर संग चलव जी
मोर संग चलव रे
मोर संग चलव गा
मोर संग चलव रे
मोर संग चलव जी
ओ गिरे थके हपटे मन
अऊ परे डरे मनखे मन
मोर संग चलव गा
मोर संग चलव रे
मोर संग चलव जी
मोर संग चलव गा
मोर संग चलव रे
मोर संग चलव जी
मोर संग चलव गा
मोर संग चलव रे

लक्ष्मण मस्तुरिया
गायन शैली : ?
गीतकार : लक्ष्मण मस्तुरिया
रचना के वर्ष : 1982
संगीतकार : खुमान गिरजा
गायक : लक्ष्मण मस्तुरिया
संस्था/लोककला मंच : ?
यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं









अग 24, 2010 @ 08:38:02
बहुत सुन्दर प्रयास है भाई साहब, बारंबार साधुवाद.
इस गीत को भाई लछिमन नें हमारे अनुरोध पर गाया था और रवि भईया नें इसे रिकार्ड किया था, यहां है वीडिया – http://www.youtube.com/watch?v=2cYkC6VndDE
अग 24, 2010 @ 08:43:35
बहुत बड़ा काम उठा लिया है आपने. गीतों की वर्गीकृत सूची भी साथ-साथ तैयार करते चलें. सूची में गीत के बोल, गायक, गीतकार, संगीतकार के साथ रचना का वर्ष आदि जानकारियों की प्रविष्टि रखी जा सकती है, जिसके साथ यह टीप भी शामिल हो सकती है कि गीत किस संस्था, लोक कला मंच से सम्बद्ध रहा है. कुछ नाममात्र की तैयारी, जिसमें श्री संजीव तिवारी जी के साथ विमर्श भी था, मैंने की थी, वह ठीक-ठाक प्रकाशित करने लायक बन जाने पर ब्लॉग पर आएगा. आप यह काम जारी रखें और जैसी पूरी संभावना है, यह इतिहास बने, शुभकामना है.
अग 25, 2010 @ 06:30:08
मार्गदर्शन बर हार्दिक धन्यवाद …
छत्तीसगढ़ी गीत के बिखरे पन्ना ल सकेले म आप सब संगवारी मन के सहयोग बहुत जरूरी हाबय। आप सब संगवारी मन से अनुरोध हे कि गीत के सम्बंध में जो भी जानकारी आप मन ल हे । ओ जानकारी ल हमर मन संग जरूर बाँटहू, जेकर से गीत के सम्बंध में सही-सही अऊ पूरा जानकारी प्रस्तुत कर सकन । ये काम ल अच्छा से अच्छा कर सकन एकर बर आप सब संगवारी मन के कोनों सुझाव होही त वोला घलोक बताहू …
अग 24, 2010 @ 17:42:50
छत्तीसगढ़ी गीत मन के संग्रह करे के प्रयाश हर छत्तीसगढ़ महतारी के आरती उतरे बरोबर हवय ओकर बार बहुत बहुत साधुवाद अई गीत मन के ऑडियो सुने ला मिल जाये त फेर का कहना चनैनी गोंदा के कुछ गीत मन याद अथें त मन उनला सुने बार तरस जाते पालागी भाईजी
अग 28, 2010 @ 21:18:30
आपके इस प्रयास की जितनी सराहना की जाए कम है. आप उन सब गीतों को अपने पेज़ पर डालें, जो छत्तीसगढ़ की पहचान हैं.
अग 29, 2010 @ 00:56:47
आप मन के ये प्रयास के जतकेन तारीफ करे जाए कम हे, मै खुद हां अटक साल से इहाँ ब्लागजगत माँ हवंव फेर ऐसन सुरता नहीं आइस की अईसन कोनो ब्लॉग शुरू करे जा सकत हवे, खैर मोला लोकगीत के अतेक ज्ञान घलोक नहीं रहिस कभू . फेर आप मन के काम ला कतकोन बढ़िया बोलन ओख्हर ले भी ज्यादा सुग्घर हरे . मैं हां आपला नहीं जानव फेर सही कहत हवंव ए मुद्दा माँ जोनो मदद चाहिए होही बोलव मोला, ख़ुशी होही मोला कर के…
नव 16, 2010 @ 16:27:52
bachpan se ye git sunta aa raha hoo bar-bar e git sunane ki echchha oti hai ——————-
नव 21, 2010 @ 12:33:57
YE PRAYAAS LA MOR NAMAN HAVE.AISNE HUM APAN SANSKRITI LA SUGHAR KAR SAKAT HAN.
फ़र 11, 2011 @ 21:34:38
बहुत बड़ा काम उठा लिया है आपने. गीतों की वर्गीकृत सूची भी साथ-साथ तैयार करते चलें. सूची में गीत के बोल, गायक, गीतकार, संगीतकार के साथ रचना का वर्ष आदि जानकारियों की प्रविष्टि रखी जा सकती है, जिसके साथ यह टीप भी शामिल हो सकती है कि गीत किस संस्था, लोक कला मंच से सम्बद्ध रहा है. कुछ नाममात्र की तैयारी, जिसमें श्री संजीव तिवारी जी के साथ विमर्श भी था, मैंने की थी, वह ठीक-ठाक प्रकाशित करने लायक बन जाने पर ब्लॉग पर आएगा. आप यह काम जारी रखें और जैसी पूरी संभावना है, यह इतिहास बने, शुभकामना है.
फ़र 12, 2011 @ 07:28:14
गीत सुना मन को सुकुन मिला .अपने प्रयास जारी रखें
फ़र 12, 2011 @ 10:17:57
आपके इस प्रयास की जितनी सराहना की जाए कम है. आप उन सब गीतों को अपने पेज़ पर डालें, जो छत्तीसगढ़ की पहचान हैं.
मार्च 15, 2011 @ 09:17:33
Sabd kam he Bhai,bas bhavna ke lahar Marat he,sangi sang chalbo
मार्च 15, 2011 @ 13:39:57
behtarin he re………….
मार्च 15, 2011 @ 15:13:10
bahut accha prayas hai.ab koi chattisgarh lok geeto ko chura kar uska sharye nahi le payega. jo geeto ke janak hai unhe he yaad kiya jayga
मार्च 15, 2011 @ 16:26:43
golden hits all time favorite ,laxman masturia inspiring song for all over world
मार्च 15, 2011 @ 16:40:24
Its really a brilliant work done by you
मार्च 15, 2011 @ 18:10:04
गाड़ा गाड़ा बधाई। वेबसाइड बानिईया ला। गाना ला सुनके रोम रोम मे नवा जोश आ गिस। जय जोहर जय छतीसगढ़।
मार्च 16, 2011 @ 14:00:33
Aapman ke prayaas accha lagis. Khumaan aur Girja Sir ke sangit badh geet sun ke mann ha khush ho gaye hai. Bhule bisre geet ek baar phir se sune bar milgis. Ekhar bar tuman badhai ke paatra ho.Dhanyavaad.
मार्च 28, 2011 @ 14:27:43
best colection of cg song
जून 24, 2011 @ 23:18:13
chattisgahi gaana ke sangrah bar dhanyavaad ..
acchha suggar lagis .. baney kareo daau ..
JAI JOHAAR JAI CHATTISGARH MAHTARI ..
-RAKESH SWARNKAR,
INDORE(M.P.)
अग 25, 2011 @ 11:51:05
bahut badhiya gaana .thanyawad laxman masturiya sahab jo etna badhiya gaana banaya
नव 30, 2011 @ 22:24:57
mujhe ywe sabhi cg k geet bachpan se hi lubhati hai or es gane hr ek bol mere dil me basi…………….mor sang chalaw re…..jai chhattisgarh
दिस 14, 2011 @ 01:23:33
ये गीत के बाते कुछ और हे संगी …………….
आपके ये सुघ्घर प्यास ला देख के मोर मन गदगद होगे भई.
छत्तीसगढ़ के लोकसंगीत ला जग भर माँ बगराये के ये आपके प्रयास बहुत ही बढ़िया हे
हमर लोकसंगीत के इतिहास जाने के मोर इच्छा ला आप मन पूरा करेव …
बारम्बार धन्यवाद !!!
जन 28, 2012 @ 16:24:08
mor mati mor maa au baap ye baki sab bakwas ye
फ़र 22, 2012 @ 19:19:56
England main chattisgharhi gaana sun kar dill jhoom utha
Nice work Mr . Candrakar
मार्च 24, 2012 @ 09:46:32
bhai sahab mola eak gana chahiye, jehar ghhattisgarhi ke abga junna haway gana ke bole haway “sukh bar mai to bihav karev ga apan hath ma ghav karev ga ghani kash baila fanda gai vidhata charo mudna dhandha gai”
मार्च 24, 2012 @ 14:58:02
Shriman chandrakar ji aap man ke sangrah ha bahut badhiya lagish ye sangrah bar bahut bahut dhanyavad
अप्रै 05, 2012 @ 11:13:20
shri RAM gandhi au a gana mahan he