फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी … Fagun Tihar Aage Rango Sangwari

 

आइये सुनते हैं बैतल राम साहू और सुशीला ठाकुर की आवाज में होली गीत

 

फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी
संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी
संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी
छोटे बड़े लईका मन देवय किलकारी रे
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी
हां संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी
संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी

ले चल रे सैंया बनारस के खोर में
कुछ भेद नइये रे तोर अउ मोर में
ले चल रे सैंया बनारस के खोर में
कुछ भेद नइये रे तोर अउ मोर में
मन के बात ल में काहन नइ सकों
तोर बिना साहू मैं राहन नइ सकों
मन के पीरा~~~आ~~~
मन के पीरा मोला हाबय बड़ा भारी रे
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी
संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी
संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी

हे~~
आज हंसा के मोला झन जाबे छोड़ के
चले आहूं तोर घर य लुगरा-ला ओढ़ के
आज हंसा के मोला झन जाबे छोड़ के
चले आहूं तोर घर य लुगरा-ला ओढ़ के
रंग के मारे बैरी राधा बोथागे
लुगरा अउ पोलखर नि-रंग हा बोहागे
तैं बने राधा~~~आ~~~
तैं बने राधा मे-हर बने बनवारी रे
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी
संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी
संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी
संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी
फागुन तिहार आगे रंगो संगवारी
संगी जहुंरिया मन मारय पिचकारी


गायन शैली : ?
गीतकार : ?
रचना के वर्ष : ?
संगीतकार : बैतल राम साहू
गायन : बैतल राम साहू, सुशीला ठाकुर
संस्‍था/लोककला मंच : ?

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो

Previous Older Entries

हमारी यह पेशकश आपको पसंद आई ?
अपना ईमेल आईडी डालकर इस ब्लॉग की
सदस्यता लें और हमारी हर संगीतमय भेंट
को अपने ईमेल में प्राप्त करें.

Join 409 other followers

हमसे जुड़ें ...
Twitter Google+ Youtube


.

क्रियेटिव कॉमन्स लाइसेंस


सर्वाधिकार सुरक्षित। इस ब्लॉग में प्रकाशित कृतियों का कॉपीराईट लोकगीत-गाथा/लेख से जुड़े गीतकार, संगीतकार, गायक-गायिका आदि उससे जुड़े सभी कलाकारों / लेखकों / अनुवादकों / छायाकारों का है। इस संकलन का कॉपीराईट छत्तीसगढी गीत संगी का है। जिसका अव्यावसायिक उपयोग करना हो तो कलाकारों/लेखकों/अनुवादकों के नाम के साथ ब्लॉग की लिंक का उल्लेख करना अनिवार्य है। इस ब्लॉग से जो भी सामग्री/लेख/गीत-गाथा/संगीत लिया जाये वह अपने मूल स्वरूप में ही रहना चाहिये, उनसे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ अथवा फ़ेरबदल नहीं किया जा सकेगा। बगैर अनुमति किसी भी सामग्री के व्यावसायिक उपयोग किये जाने पर कानूनी कार्रवाई एवं सार्वजनिक निंदा की जायेगी...

संगी मन के गोठ …

युगल राजपूत on चौरा मा गोंदा … Chaura M…
yashwant kumar on कउने नगर ले … Kaune Naga…
Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 409 other followers