छत्तीसगढ़ी गीत संगी

 

छत्तीसगढ़ी गीत संगीत ले मया रखईया जम्मों संगवारी मन ला जय जोहार …

छत्तीसगढ़ के माटी के ममहइ बगराय के एक कोसिस ए…

ये ब्लॉग म छत्तीसगढ़ के लोकगीत अउ गाथा के संकलन अव्यावसायिक प्रयोजन ले जनहित लाभार्थ करे जात हे। एकर से कोनों के कॉपीराइट ल हानि पहुँचत हे त कृपया जरूर बताहू। अगर कोनों संगी ला इहां रखे कोनों गीत ले कोई आपत्ति होही, त वो गीत ला हटा दे जाही …

अगर आप मन के कोनों सुझाव, जानकारी या लोक गीत जेला आप मन मोर तक पहुँचा सको त ओला आप मोर ई-मेल मा भेज सकत हव…
chhattisgarhi . songs @ yahoo . com
या मोर मोबाईल नं. 9752 910 920 म बात कर लेहू।

जे लोक कलाकार अपन रचना ल ये ब्लॉग में प्रसारण बर देना चाहथे वोमन भी संपर्क करें…

आप मन के गोठ-बात अउ सलाह अबड़ जरुरी हे। तेकर सेती अपन मन के बात ला टिप्पणी करके बतावत रहू।


संगवारी मन से अनुरोध

छत्तीसगढ़ी गीत संगीत के बारे में सही-सही अऊ पूरा जानकारी सहेजे के ये ह एक प्रयास हरे…

संगवारी मन से अनुरोध हे कि गीत के गायन सैली, गायक, गीतकार, संगीतकार, रचना के वर्ष, गीत ह कोन संस्‍था/लोककला मंच से सम्बंधित हाबय आदि के संग-संग गीत के सम्बंध में जो भी जानकारी आप मन ल हे। ओ जानकारी ल गीत में टिप्पणी करके जरूर बताहु, जेकर से गीत के सम्बंध में सही-सही अऊ पूरा जानकारी मिल सकय।

छत्तीसगढ़ी गीत के बगरे पन्ना ला सकेले म आप मन के सहयोग बहुत जरूरी हाबय …

धन्यवाद

मैं न तो लोक विशेषज्ञ हूँ, न ही किसी विश्वविद्यालय का प्रोफेसर, न शोध छात्र और न ही दाऊ रामचन्द्र देशमुख, दाऊ दुलार सिंह मंदराजी और दाऊ महासिंह चन्द्राकर जैसे धुन के पक्के लोकसंपदा के गुनगायक व संरक्षक। लोककला व लोक साहित्य के अनेक विद्वानों ने अपनी बोलियों के लिए बड़ा कार्य किया है, परन्तु मैं इन सब कि पंक्ति में बैठने कि भी योग्यता नहीं रखता। हां इन सज्जनों से प्रेरित जरूर हूँ।

बाजारीकरण के वर्तमान दौर में सर्वाधिक क्षति हमारे लोक-साहित्य व लोककला की हुई है। पाश्‍चात्य संस्कृति के चलते हमारी लोक संस्कृति को आधुनिकता का चोला पहनाया जा रहा है। परिणामस्वरूप हम जमाने कि दौड़ में शामिल तो हो रहे हैं लेकिन मौलिक पहचान प्रभावित हो रही है। स्थिति यह है कि आपाधापी के इस दौर में लोक-साहित्य व लोककला के अनेक समृद्ध अध्याय उपेक्षित होने के कारण विलोपन के कगार पर चले गए हैं और नई पीढ़ी के संज्ञान में ही नहीं है। गीत संगीत हो या संस्कार व परंपरा सभी को आने वाली पीढ़ी के लिए सहेजना बहुत ही जरुरी है। जिससे कि आने वाला कल आज की संस्कृति को लील न ले। ऐसे अध्यायों को सुरक्षित और प्रकाशित करना हमारा ध्येय है।

मेरे अन्य ब्लॉग : चन्द्राकर जी

हमारी यह पेशकश आपको पसंद आई ?
अपना ईमेल आईडी डालकर इस ब्लॉग की
सदस्यता लें और हमारी हर संगीतमय भेंट
को अपने ईमेल में प्राप्त करें.

Join 204 other followers

Alerts By Google.

हमसे जुड़ें ...
Twitter Google+


.

क्रियेटिव कॉमन्स लाइसेंस


सर्वाधिकार सुरक्षित। इस ब्लॉग में प्रकाशित कृतियों का कॉपीराईट लोकगीत-गाथा/लेख से जुड़े गीतकार, संगीतकार, गायक-गायिका आदि उससे जुड़े सभी कलाकारों / लेखकों / अनुवादकों / छायाकारों का है। इस संकलन का कॉपीराईट छत्तीसगढी गीत संगी का है। जिसका अव्यावसायिक उपयोग करना हो तो कलाकारों/लेखकों/अनुवादकों के नाम के साथ ब्लॉग की लिंक का उल्लेख करना अनिवार्य है। इस ब्लॉग से जो भी सामग्री/लेख/गीत-गाथा/संगीत लिया जाये वह अपने मूल स्वरूप में ही रहना चाहिये, उनसे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ अथवा फ़ेरबदल नहीं किया जा सकेगा। बगैर अनुमति किसी भी सामग्री के व्यावसायिक उपयोग किये जाने पर कानूनी कार्रवाई एवं सार्वजनिक निंदा की जायेगी...

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 204 other followers