मैं बंदत हौंव दिन रात वो … Mai Bandat Haunv Din Rat Wo

मैं बंदत हौंव दिन रात वो
मोर धरती मईया
जय होवय तोर
मोर छईयां भुईयां
जय होवय तोर

मैं बंदत हौंव दिन रात वो
मोर धरती मईया
जय होवय तोर
मोर छईयां भुईयां
जय होवय तोर

सूत उठ के बड़े बिहनिया
तोरे पईया लागव
सूत उठ के बड़े बिहनिया
तोरे पईया लागव

सुरुज जोत मा करव आरती
गँगा पांव पखारव
सुरुज जोत मा करव आरती
गँगा पांव पखारव

फेर काया फूल चढ़ावव
वो मोर धरती मईया
हाय रे मोर छईयां भुईयां
जय होवय तोर

मैं बंदत हौंव दिन रात वो
मोर धरती मईया
जय होवय तोर
मोर छईयां भुईयां
जय होवय तोर

तोर कोरा सब जीव जंतु के
घर दुवार अउ डेरा
तोर कोरा सब जीव जंतु के
घर दुवार अउ डेरा

तहीं हमन के सुख दुःख
अउ ये जिनगी के घेरा
तहीं हमन के सुख दुःख
अउ ये जिनगी के घेरा

तोर मया मा जग दुलरामय
वो मोर धरती मईया
हाय रे मोर छईयां भुईयां
जय होवय तोर

मैं बंदत हौंव दिन रात वो
मोर धरती मईया
जय होवय तोर
मोर छईयां भुईयां
जय होवय तोर

राजा परजा देवी देवता
तोर कोरा मा आईन
राजा परजा देवी देवता
तोर कोरा मा आईन

जईसन सेवा करिन तोर
वो तईसन फल ला पाइन
जईसन सेवा करिन तोर
वो तईसन फल ला पाइन

तोर महिमा कतक बखानव
वो मोर धरती मईया
हाय रे मोर छईयां भुईयां
जय होवय तोर

मैं बंदत हौंव दिन रात वो
मोर धरती मईया
जय होवय तोर
मोर छईयां भुईयां
जय होवय तोर

मोर धरती मईया
जय होवय तोर
मोर छईयां भुईयां
जय होवय तोर

 

Laxman Masturia
लक्ष्मण मस्तुरिया


गायन शैली : ?
गीतकार : लक्ष्मण मस्तुरिया
रचना के वर्ष : 1982
संगीतकार : खुमान गिरजा
गायक : लक्ष्मण मस्तुरिया
संस्‍था/लोककला मंच : ?

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

17 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. yogesh hardahe
    अक्टूबर 24, 2010 @ 12:17:58

    sabo chhattisgadhiya man la johar, jai chhattisgadh. tumhar website la dekh ke man me khusi ke lahar doud gis. website ke colour ha atka badhiya he ki bimar aadmi ghalo uth ke baith jahi. chhattisgarh ke mati ke khusbu la pura desh-videsh me failaye ke tumhar ye prayas bemisal aour lajvab he.
    —— jai ho chhattisgarh mahtari ke—————
    yogesh hardahe
    jagdalpur, bastar
    9479098787

    प्रतिक्रिया

  2. ishwar khandeliya
    नवम्बर 02, 2010 @ 20:55:08

    बहुतेच बढ़िया लागिस इ गीत ला सुनके बधाई अभी हाले म इ गीत ला भाई लक्षमण मस्तुरिहा ह अकलतरा मा एक कविसम्मेलन मा सुनाईस तभो बहुतेच बढ़िया लगे रहीश

    प्रतिक्रिया

  3. SAJAL NAG
    मार्च 22, 2011 @ 10:53:27

    bahut hi achha gaana hai u hi c.g song ko aage badate rho………………….

    प्रतिक्रिया

  4. Lekeshsahu
    मई 04, 2011 @ 16:50:22

    Bahut badiya lagis he, fe mor ek suggestion have ke ye geet man ke ringtone ghalok mil jatish te bahut achha ho jatis.

    प्रतिक्रिया

  5. Santosh Kumar Sahu
    जून 16, 2012 @ 12:08:10

    Jo Is Website ko Banaye hai Mai Unkaa Bahut Bahut Aaabhari hu…………………
    Bahut bahut Dhanyaawad Jo aapne hamaari Sanskriti ko sahejne kaam kiya hai……..
    He Bahut hi Ucha Kaam hai…………..

    Mai Bhi Web Designer hu Please koi bhi kaam ho mai Bina kisi Charge Seva me Hajeer Rahunga………………………………Akheer Mai Bhi Esi mati ka Beta hu…

    Dhanyawaad………….

    प्रतिक्रिया

  6. BHISHAM KRISHE
    नवम्बर 11, 2012 @ 18:46:52

    आपमन ला ये ब्लाग बनाये बर बहुत -बहुत धन्यवाद

    प्रतिक्रिया

  7. hemant
    दिसम्बर 21, 2012 @ 15:42:08

    बहुत -बहुत धन्यवाद

    प्रतिक्रिया

  8. RP AGRAWAL
    अप्रैल 14, 2013 @ 15:43:41

    In line with ‘Vande Matram’ and much superior to that. A commendable work done by you in compiling so many CG songs.Many many thanks.

    प्रतिक्रिया

  9. pragya kumar sahu
    मई 28, 2013 @ 17:16:31

    bahut acha lagish bhia aap man ka mai bahut bahut dhanyvaad

    प्रतिक्रिया

  10. नरेन्द्र कुमार साहू
    जुलाई 08, 2014 @ 23:32:55

    धरती के मधुर गुन गान के बाद मन को शांति की अनुभूति होती है ……

    प्रतिक्रिया

  11. नरेन्द्र 'नन्द '
    जुलाई 08, 2014 @ 23:36:00

    धरती माता के गुण गान करेबर ये गाना हर बने हे ……….

    प्रतिक्रिया

  12. chhaliyaramsahani
    जनवरी 30, 2015 @ 20:28:00

    Chhattisgarh mata ke bahut sunder vandana he.

    प्रतिक्रिया

  13. गिरिराज भंडारी
    फरवरी 08, 2015 @ 11:03:30

    भाव विभोर हो गया सुन के , कुछ कहने लायक नहीं हूँ , मेरी अश्रु पूरित ख़ामोशी स्वीकार करें ।

    प्रतिक्रिया

  14. SANUK LAL YADAV
    अक्टूबर 03, 2016 @ 21:22:33

    बहुत सुघ्घर गीत सुन के मन हर गदगद होगे।

    धन्यवाद

    प्रतिक्रिया

  15. aatmaram baghel
    नवम्बर 10, 2016 @ 22:18:59

    धरती माता ल राजा परजा आऊ देवी देवता के पालन पोषण करईया बताये गए हे

    प्रतिक्रिया

  16. ROHIT KUMAR
    नवम्बर 14, 2016 @ 18:24:01

    (I am praying continuously to my dear earth-mother) Mai bandat haun din-rat o mor DHARTI MAIYA,is the best nature-song, which I have listen ever. This may be our model environmental song. There maynot be as beautiful song of praying respected EARTH-MOTHER as this.I salute this song.

    प्रतिक्रिया

  17. mahesh patel
    नवम्बर 27, 2016 @ 16:27:17

    माननीय लक्ष्मन मस्तुरिहा सर मै आपका गीत सुनके धन्य हो गया हूं आप हमेशा यसस्वी हो

    प्रतिक्रिया

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