एक पईसा के भाजी ला … Ek Paisa Ke Bhaji La

मरारिन

एक पईसा के भाजी ला, दू पईसा बेचे गोई
गोंदली ला रखे जी मां डार के
एक पईसा के भाजी ला, दू पईसा बेचे गोई
गोंदली ला रखे जी मां डार के
अवो मची अम्मा वो, अवो पेड़ हम्मा वो
बईठे मरारिन बजार में
अवो मची अम्मा वो, अवो पेड़ हम्मा वो
बईठे मरारिन बजार में

पररा में केरा संतरा धरके, बईठे रइथस कोर कोर में
पररा में केरा संतरा धरके, बईठे रइथस कोर कोर में
एक बेर लेवैया हा दु बेर आथे, हँसत रइथे तोर संग में
खटमेचिया टुरा हा मेछा ला एठियाके~~~~~~
खटमेचिया टुरा हा मेछा ला एठियाके, पईसा देथे आँखी मार के
गोई बजार में~~
एक पईसा के भाजी ला, दू पईसा बेचे गोई
गोंदली ला रखे जी मां डार के
अवो मची अम्मा वो, अवो पेड़ हम्मा वो
बईठे मरारिन बजार में

गोड मा हे मेंहदी, झमके मुंदरी, खोपा के मोगरा महके
गोड मा हे मेंहदी, झमके मुंदरी, खोपा के मोगरा महके
बंगला के पान खाये, मुंहे रचाये, छंड़त है लुगरा तोर मुड़ के
हरियर भाटा ला आघु मा रख दे~~~~~~
हरियर भाटा ला आघु मा रख दे, कड़हा भाटा ला पानी छिच दे
गोई बजार में~~
एक पईसा के भाजी ला, दू पईसा बेचे गोई
गोंदली ला रखे जी मां डार के
अवो मची अम्मा वो, अवो पेड़ हम्मा वो
बईठे मरारिन बजार में
बईठे मरारिन बजार में …

मरारिन


गायन शैली : ददरिया
गीतकार : ?
रचना के वर्ष : ?
संगीतकार : ?
गायक : शेख हुसैन
एल्बम : ?
संस्‍था/लोककला मंच : संगम आर्केस्ट्रा

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

 

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …

14 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. chandra bhanu pratap
    मार्च 16, 2011 @ 13:53:58

    very good i am very impress…………………..thank’s

    प्रतिक्रिया

  2. chandra bhanu pratap
    मार्च 16, 2011 @ 13:54:22

    very good i am very impress…………………

    प्रतिक्रिया

  3. sandeep kanker
    मार्च 17, 2011 @ 15:28:36

    very good collection……………………..

    प्रतिक्रिया

  4. Sanjay Agrawal
    अक्टूबर 31, 2011 @ 20:38:57

    Sughhar lagis
    maza aa gay

    प्रतिक्रिया

  5. NOHENDRA YADAV
    नवम्बर 04, 2011 @ 10:32:39

    my favrate cg song

    प्रतिक्रिया

  6. Ramchand Dewangan
    सितम्बर 06, 2013 @ 11:18:25

    chhattisgarhi git ko ham take enternet ke jariye pahuchane ke literary RAJESH bhiya ko sat sat naman.

    प्रतिक्रिया

  7. chandrabhushan chaturvedi
    मार्च 15, 2014 @ 20:13:04

    abbad sughar lagish he bachapan ma redio ma sunan o din yaad aage sangi

    प्रतिक्रिया

  8. Yashwant Kumar
    मई 02, 2014 @ 16:11:33

    bahut badiya

    प्रतिक्रिया

  9. Chhaliya Ram Sahani 'ANGRA'
    दिसम्बर 04, 2014 @ 13:59:11

    Shekh Husain bhai ha dadariya gaye ke sirmaur he.

    प्रतिक्रिया

  10. Chhaliya Ram Sahani 'ANGRA'
    जनवरी 30, 2015 @ 13:19:53

    Duno photu me pura gana ke varnan he. chhattisgarh me sonkar au marar ke bari famas he .sag bhaji beche ke dhanda hunkhar purkha le chalat aathe. machi, parra,, kera, santra, patmechhiya ,, ped aama , dandi marna .Rachnakar pura rang bhare he. aese lagthe jano mano uhu bhaji ,pala, kera, santra bechat rihis hohi, bahut sundar. Dhanyawad.

    प्रतिक्रिया

  11. Santosh sahu
    अप्रैल 06, 2015 @ 18:36:42

    This song gives remembrance to my father who used to sing this for me to make me sleep…
    He sounds magical that time and .. Still lively when he is not with us in this world

    प्रतिक्रिया

  12. gopal sharma
    जून 23, 2016 @ 14:05:28

    very good song i like this

    प्रतिक्रिया

  13. ROHIT KUMAR
    नवम्बर 14, 2016 @ 17:52:48

    unfortunatully, honourable Sekh Hussain is no more in this life. But his song gives an special type of umang, romanch and jadu between us. He is alive in his chhattisgarhi gaane.

    प्रतिक्रिया

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