छनर छनर पैरी बाजे … Chhannar Chhannar Pairi Bajaei

(हा~हा की हंसी)

हो~~ छनर छनर पैरी बाजे
छनर छन~अ~~~र
खनर खनर
चूड़ी~~~~~
हंसात फुलकत मटकत रेंगय बेलबेल्हीन टुरी
हंसात फुलकत मटकत रेंगय बेलबेल्हीन टुरी
हो~~ छनर छनर पैरी बाजे खनर खनर चूड़ी
हंसात फुलकत मटकत रेंगय बेलबेल्हीन टुरी
हंसात फुलकत मटकत रेंगय बेलबेल्हीन
टुरी~~

(हूं~हूं की गुनगुनाहट)

कांट कांट के धान मड़ावय
ओरी ओरी करपा~~~~~
(ओरी ओरी करपा हो ओरी ओरी करपा)
देखब मा बड़ा निक लगय देखब मा~~~
देखब मा बड़ा निक लगय सुंदर चारपा के चारपा
हंसात फुलकत मटकत रेंगय बेलबेल्हीन टुरी
हंसात फुलकत मटकत रेंगय बेलबेल्हीन
टुरी~~

(हूं~हूं की गुनगुनाहट)

दीदी लुवय धान खबा खब
भांटो बांधय भारा~~~~~
(भांटो बांधय भारा हो भांटो बांधय भारा)
अउहा झउहा बोही बोही के अउहा झउहा~~~
अउहा झउहा बोही बोही के लेगय भउजी ब्यारा
हंसात फुलकत मटकत रेंगय बेलबेल्हीन टुरी
हंसात फुलकत मटकत रेंगय बेलबेल्हीन
टुरी~~

(हूं~हूं की गुनगुनाहट)

लकर धकर बपरी लईकोरी समधिन हा घर जावय
(समधिन हा घर जावय हो समधिन हा घर जावय)
चुकुर चुकुर नानहे बाबु ला चुकुर चुकुर (चु~ चु~)
चुकुर चुकुर नानहे बाबु ला दूध पिया के आवय
हंसात फुलकत मटकत रेंगय बेलबेल्हीन टुरी
हंसात फुलकत मटकत रेंगय बेलबेल्हीन टुरी
हंसात फुलकत मटकत रेंगय बेलबेल्हीन टुरी
हंसात फुलकत मटकत रेंगय बेलबेल्हीन टुरी
हंसात फुलकत मटकत रेंगय बेलबेल्हीन टुरी


गायन शैली : ?
गीतकार : कोदूराम दलित
रचना के वर्ष : 1982
संगीतकार : खुमान गिरजा
गायन : भैय्यालाल हेड़ाऊ अउ साथी
एल्बम : लक्ष्मण मस्तुरिया के छत्तीसगढ़ी गम्मत गीत
संस्‍था/लोककला मंच : म्यूजिक इंडिया (बाम्बे)
(7 इंच 45 आर.पी.एम. तवा डिस्क में)

 

कोदूराम दलित
स्व.कोदूराम दलित      (फोटो आरंभ से साभार)

भैय्यालाल हेड़ाऊ
भैय्यालाल हेड़ाऊ      (फोटो छत्तीसगढ़ पोस्ट से साभार)

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

 

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …

19 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. राहुल सिंह
    दिसम्बर 25, 2010 @ 08:07:37

    गजब के गीत अउ फोटो लग के अउ कमाल हो गये हे.

    प्रतिक्रिया

  2. Sanjeeva Tiwari
    दिसम्बर 25, 2010 @ 08:21:09

    ये सुघ्‍घर गीत हर आदरनीय दलित जी के बड़ परसिध गीत ये, दलित जी के गीत ला उखर बड़े बेटा श्री अरूण कुमार निगम जी हा http://gharhare.blogspot.com (सियानी गोठ) म हमर खातिर पब्लिस करत हांवय.

    प्रतिक्रिया

  3. हेमन्‍त वैष्‍णव
    दिसम्बर 25, 2010 @ 08:41:01

    छनर छनर पैरी के झनकार
    किस्रमस के सुघ्‍घर उपहार
    आपमन के गंज साभार

    प्रतिक्रिया

  4. Harihar Vaishnav
    दिसम्बर 25, 2010 @ 10:56:05

    Atek sugghar giit la prastut kare bar gaadaa-gaadaa dhanyawaad. Hamar Chhattisgarh ke giit-sangiit au kalaakaar man ke gothech alag he.
    कांट कांट के धान मड़ावय
    ओरी ओरी करपा~~~~~
    (ओरी ओरी करपा हो ओरी ओरी करपा)
    देखब मा बड़ा निक लगय देखब मा~~~
    देखब मा बड़ा निक लगय सुंदर चारपा के चारपा
    Giit ke ak-ak sabda ha aankhii ke aaguu kauno movie kas chale-phire la lagathe. Aabhaar.

    प्रतिक्रिया

  5. sangya tandon
    दिसम्बर 25, 2010 @ 12:33:57

    कभु नई सुने रहेंव ए वाले गीत ह…….मस्‍त गीत हे, अब्‍बड मजा आ गे एला सुनके…..
    कोदूराम अउ भैयालाल जी के फोटू भी बने लगत हे…..

    प्रतिक्रिया

  6. रवि कुमार
    दिसम्बर 26, 2010 @ 15:48:04

    बेहतर…अच्छा लगा….

    प्रतिक्रिया

  7. ishwar khandeliya
    दिसम्बर 30, 2010 @ 20:54:47

    गजब रे भाई एस्नाहा गीत मन तो अब सुनेच बार नई मलय तेकर ऊपर भैयालाल जी के फोटो मन ला मोहि डारेहवा

    प्रतिक्रिया

  8. नीरज दीवान
    मार्च 15, 2011 @ 12:46:40

    भैय्यालाल हेड़ाऊ जी राजनांदगांव वासी हैं.. यहीं से मैं भी हूं। हेमंत कुमार जी को हेड़ाऊ जी से ही जाना।

    प्रतिक्रिया

  9. basant shahjeet
    मार्च 27, 2011 @ 18:53:47

    mola ye blog ma Chhattisgarhi geet mal sanjoy dekh bahut achchha lagis he…yesen he mahun sochat rahen..jaisan chandrakar jee karis…mor taraf gada gada badhai….jai johar..jai chhattisgarh

    प्रतिक्रिया

  10. kuber singh dhruw
    अप्रैल 28, 2011 @ 20:21:14

    ye gana ke jatka bhi tarif karbe kam have

    प्रतिक्रिया

  11. Kamlesh kumar dhruw
    मई 10, 2011 @ 22:51:26

    me ea geet la paheli bar sune ho au sun ke abbad maza aage

    प्रतिक्रिया

  12. रवि
    नवम्बर 12, 2011 @ 20:48:38

    मंहू नंदगंइहां हों गा. हेड़ाऊ ददा ल त हमन बहुत सुने हन. आकासवानी मं एक बार ओखर संग रेकार्ड करे रेहंव

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  13. jitendra kumar
    नवम्बर 13, 2011 @ 10:24:44

    ye sbhi hamre chhattigarh ke dharohar aye .jakar haman la sanrakshan karna chahiye……….. jai johar au jai chhattigarh.

    प्रतिक्रिया

  14. Manish Rajgir
    जून 08, 2013 @ 13:33:55

    bahot shandar (Y)

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  15. Preet Sagar Bhardwaj
    जुलाई 10, 2013 @ 12:00:04

    Hamar Chhattisagar K Pehchaan Log Sangeet ……….

    Hamar Maati K Jaan Chhattisgarh K LoK Kalakar………

    Jai Hey Tor Chhattisgarh Mahtari……….

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  16. Dilip Kumar Kenar
    जुलाई 27, 2013 @ 12:41:09

    Dhar Lebe Kudari g Kishan Aaj Dipra La Khan ke Dabra Pat Debo na

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  17. manikpuri
    दिसम्बर 06, 2013 @ 10:26:16

    aapman me se kakhkro kara bhaiyalal hedau ji ke mo.no hohi ta mola batahu,,, turte,,

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  18. Chhaliya Ram Sahani 'ANGRA'
    जनवरी 30, 2015 @ 12:13:07

    Bhaiyalal Hedau ke au purana gaye geet la sangrah me samilkare ke nivedan he. JAI JOHAR.

    प्रतिक्रिया

  19. lukeshwar sahu
    मई 18, 2015 @ 22:23:12

    balma albam ka geet mona sen ke svar me

    प्रतिक्रिया

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