अरपा पैरी के धार … Arpa Pairi Ke Dhar

अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां
महूं विनती करव तोर भुँइया
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया
(अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां
महूं विनती करव तोर भुँइया
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया)

अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार
इंदिरावती हर पखारय तोरे पईयां
(महूं विनती करव तोर भुँइया
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया)

सोहय बिंदिया सही, घाट डोंगरी पहार
(सोहय बिंदिया सही, घाट डोंगरी पहार)
चंदा सुरूज बने तोरे नैना
सोनहा धान अइसे अंग, लुगरा हरियर हे रंग
(सोनहा धाने के अंग, लुगरा हरियर हे रंग)
तोर बोली हवे जइसे मैना
अंचरा तोर डोलावय पुरवईया
(महूं विनती करव तोर भुँइया
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया)

सरगुजा हे सुग्घर, तोरे मउर मुकुट
(सरगुजा हे सुग्घर, जईसे मउर मुकुट)
रायगढ़ बिलासपुर बने तोरे बञहा
रयपुर कनिहा सही, घाते सुग्गर फबय
(रयपुर कनिहा सही, घाते सुग्गर फबय)
दुरूग बस्तर बने पैजनियाँ
नांदगांव नवा करधनियाँ
(महूं विनती करव तोर भुँइया
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया)

अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार
इंदिरावती हर पखारय तोरे पइयां
महूं विनती करव तोरे भुँइया
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया
(अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार
इंदिरावती हर पखारय तोरे पइयां
महूं विनती करव तोर भुँइया
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया
महूं विनती करव तोर भुँइया
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया
महूं विनती करव तोर भुँइया
जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया)

 

डॉ नरेन्द्र देव वर्मा
डॉ नरेन्द्र देव वर्मा


गायन शैली : ?
गीतकार : डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा
रचना के वर्ष : ?
संगीतकार : ?
गायन : लक्ष्मण मस्तुरिया
एल्बम : ?
संस्‍था/लोककला मंच : सोनहा बिहान

 

इस गीत को ममता चन्द्राकर जी की आवाज में सुनने के लिए यहां पर क्लिक कीजिए

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

 

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …

145 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. shiv kumar
    अक्टूबर 05, 2014 @ 11:08:08

    geet la bas sune sune ke man karthe ga

    प्रतिक्रिया

  2. shiv kumar
    अक्टूबर 05, 2014 @ 11:10:12

    very nic

    प्रतिक्रिया

  3. sanjay banchhor
    अक्टूबर 09, 2014 @ 18:56:37

    ye geet har sangi 1bar nahi 2 bar nahi 1000 bar sunbe tabho man nai bhare

    प्रतिक्रिया

  4. mahesh
    अक्टूबर 18, 2014 @ 20:42:02

    Ok

    प्रतिक्रिया

  5. yogendra kashyap
    अक्टूबर 28, 2014 @ 23:03:57

    chattisgarhi geet ka jawab nahi

    प्रतिक्रिया

  6. virendra kumar tiwari
    नवम्बर 22, 2014 @ 23:27:01

    i am loking towoed a bvright future

    प्रतिक्रिया

  7. Chhaliya Ram Sahani 'ANGRA'
    दिसम्बर 03, 2014 @ 14:53:31

    arpa pairi ke dhar ke lekhak dr. narendra dev verma la shat shat naman.

    प्रतिक्रिया

  8. Chhaliya Ram Sahani 'ANGRA'
    दिसम्बर 04, 2014 @ 15:01:08

    yayan me sabdo ki ek rupta bahut jaruri hai .

    प्रतिक्रिया

  9. Chhaliya Ram Sahani 'ANGRA'
    दिसम्बर 04, 2014 @ 15:03:07

    Gayan me sabdo ki ek rupta bahut jaruri hai .

    प्रतिक्रिया

  10. Dronacharya
    दिसम्बर 22, 2014 @ 15:44:30

    आज छत्तीसगढी गाना नेट म नई मिले । आपके बहुत आभार जेकर वजह से आज हमन ल छत्तीसगढी गाना खोजे के एक सा”धन मिलगे।मोर एक फरमाईश हे वो गाना हरे “मोर खेती खार रुन झुन मोर भौरा नाचे गुन गुन”

    प्रतिक्रिया

  11. toman
    मार्च 21, 2015 @ 23:15:20

    Mola sir ye gana de ke kirpa kartew * rakh le na baiha mola rakh le na ga *

    प्रतिक्रिया

  12. dr.PURUSHOTTAM CHANDRAKAR CHANGORABHATA RAIPUR
    अप्रैल 19, 2015 @ 00:37:44

    ye git ha man la jos ma la dethe

    प्रतिक्रिया

  13. Dhananjay chandravanshi
    मई 20, 2015 @ 18:37:01

    Bahut hi sundar geet likhe he Verma ji, anantkal le aap man ke surta karhi sab mankhe man

    प्रतिक्रिया

  14. sudha soni
    जून 17, 2015 @ 06:03:51

    Abbd nik lagis

    प्रतिक्रिया

  15. PRADEP SHARMA
    जुलाई 12, 2015 @ 22:24:24

    मोला बहुत खुसी है की हमर छत्तीसगढ़ मा आप मन जैसे गायक है रचनाकार है।
    मोला आगे नया नया सन्देश ले अवगत करात रहिया धन्यवाद।
    आपमन् के
    प्रदीप शर्मा
    8966886965
    9993554157

    प्रतिक्रिया

  16. vivekvaishnava
    नवम्बर 01, 2015 @ 11:46:42

    आज छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर इस गीत को सुनकर दिल को सुकून मिला इस गीत में हमारे पूज्य श्री गोपाल दास जी ने संगीत दिया था . उनको हमारा सादर नमन

    प्रतिक्रिया

  17. kashiramsahu bhilai durg {cg}
    नवम्बर 22, 2015 @ 19:19:10

    jammo chhasttisgarh h smaye heye geet me bar bar ye geet sune ke man karthe

    प्रतिक्रिया

  18. Daneshwar Banjare
    दिसम्बर 10, 2015 @ 11:57:16

    Apan cg ha apan ye au apan parampara ha bharat me sabse acchha he. Chhattisgadiya sable badiya. JAI JOHAR JAI CHHATTISGARH.

    प्रतिक्रिया

  19. shivbhooshan sahu
    जनवरी 16, 2016 @ 19:14:28

    ye gana hmr chhattisgarh mahatari ke dharohar hre. jela bar bar sune ke mn krthe

    प्रतिक्रिया

  20. rajkumar
    जनवरी 19, 2016 @ 21:15:39

    abadh sunghar

    प्रतिक्रिया

  21. VIJAY DEWANGAN
    जनवरी 26, 2016 @ 14:49:26

    KOTHI MAY PAIRA DALECH NAI HO

    प्रतिक्रिया

  22. VIJAY DEWANGAN
    जनवरी 26, 2016 @ 14:59:54

    BAHUT SUNDER

    प्रतिक्रिया

  23. gevendra sahu
    जनवरी 27, 2016 @ 05:55:28

    Bahut hee sundar git he……

    प्रतिक्रिया

  24. Chandraprakash Garhewal
    जनवरी 28, 2016 @ 14:41:40

    मोला बहुत बढिया लागिस ईया हमर छत्तीसढ् के गीत हर
    धन्यवाद रचनाकार एवं गायक महोदय

    प्रतिक्रिया

  25. akhilesh bhardwaj
    जनवरी 29, 2016 @ 16:46:13

    मोला बहुत ब‍ढिया लागिस हमर छत्‍तीसगढ के नाम ल देश दुनिया में इसने बगराते रहा तुहर जय हो तुहर कला के जय हो

    प्रतिक्रिया

  26. Sitaram Yadav
    जनवरी 31, 2016 @ 16:43:18

    Bahut badhiya geet have

    प्रतिक्रिया

  27. Cggoswami
    फरवरी 19, 2016 @ 08:57:33

    “अरपा पैरी के धार” लगता है इस गीत को सुनता ही रहूं। साथ ही याद आती है बडै भैया डा. नरेन्द्र देव वर्मा उर्फ स्वामी जी की भी। आपकी प्रतिभा के सभी कायल हैं। मैने इनके संबंध मे लिखा था :–
    ” छत्तीसगढ का लाल छत्तीसगढ मे हुआ हलाल ।
    है दुर्दैव ! तुम्हारा कैसा हल होता है सवाल ।।”
    समय से पूर्व इनके देहावसान के अवसर पर वर्ष 1978 मे इन्ही के संबंध मे कुछ पंक्तियाँ लिखा था।

    प्रतिक्रिया

  28. dhanesh
    मार्च 13, 2016 @ 07:39:26

    पुरानी यादो को ताजा करने के लिए धनयवाद

    प्रतिक्रिया

  29. Hariram Chaturvedi
    मई 16, 2016 @ 13:04:49

    ATI SUNDAR

    प्रतिक्रिया

  30. harish kumar sahu,bhatapara
    मई 16, 2016 @ 16:36:23

    bachpan yaad aa gaya

    प्रतिक्रिया

  31. रमेश चौहान
    मई 30, 2016 @ 11:20:27

    ‘छत्तीसगढ़ी गीत संगी‘ हमर स्वाभीमान ला देश दुनिया मा देखावत हे । आपके ये काम बर इतिहास आपके नमन करही । अपन ये प्रयास ला बनाये रखहू अउ हमर धरांहर के रक्षा करत रहिहू, येही आशा अउ विश्वास के साथ शुभकामना

    प्रतिक्रिया

  32. ram
    जून 06, 2016 @ 10:50:28

    ARPA pairi ke dhar … Sing by mamta chandrakar .. Gane ko download krna he kese kre

    प्रतिक्रिया

  33. Mahesh Dewangan
    जुलाई 14, 2016 @ 18:04:02

    Bahut sunder he jai ho Arpa Pairi ke dhhar chhattisgarh Bhuiya

    प्रतिक्रिया

  34. भूपेंद्र सिंह ठाकुर
    जुलाई 21, 2016 @ 17:15:15

    ये गाना ला जतना सुनले ओतनैच कम लागथे संगवारी हो

    प्रतिक्रिया

  35. devendra
    अगस्त 02, 2016 @ 12:34:23

    Geetbahut bariya hai mujhe download karna hai

    प्रतिक्रिया

  36. jay kurmi
    अगस्त 23, 2016 @ 12:57:42

    bahut hi marmik geet he 36 gadh mahtari ke bahute sugghhar dhang le varnan kare ge habay

    प्रतिक्रिया

  37. राधे तिवारी
    अगस्त 25, 2016 @ 12:08:45

    बड़ निक लागीस भई आप मन के कतको सराहना करी कम हे .

    प्रतिक्रिया

  38. Mahendra pal sahu
    नवम्बर 12, 2016 @ 07:39:10

    Dowanlod kyu nahi ho raha hai

    प्रतिक्रिया

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