तोर पैरी के झनर-झनर … Tor Pairi Ke Jhanar Jhanar

पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कहि देबे संदेस के निर्माता-निर्देशक श्री मनु नायक जी से आप तक पहुँचाने के लिए फिल्म के गानों का ऑडियो और फोटोग्राफ प्राप्त हुआ है।

आज लाए है आपके लिए ‘कहि देबे संदेस’ फिल्म का तीसरा गीत…

कहि देबे संदेस

 

फिल्म की कहानी
‘कहि देबे संदेस’ की कहानी में छुआछूत और जातिवाद पर करारा प्रहार है। इसके साथ ही फिल्म में सहकारिता पर आधारित खेती (को-आपरेटिव फार्मिंग) को भी प्रमोट किया गया है। कहानी शुरू होती है जमीन के विवाद को लेकर। पटवारी की लिखा-पढ़ी की गड़बड़ी की वजह से जमींदार शिव प्रसाद पाठक (रमाकांत बख्शी)के हक में जो जमीन जा रही थी असल में वो चरणदास (विष्णुदत्त वर्मा) की थी। फिर भी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जमींदार मामला जीत जाता है। इस अन्याय के खिलाफ चरणदास फरसा उठा कर जमींदार को मारने निकल पड़ता है। इसी दौरान चरणदास की पत्‍नी फूलबति (सविता) भाग कर जमींदार के घर पहुंचती है और जमींदार की पत्‍नी पार्वती (दुलारी बाई) से गुहार लगाती है। जब जमींदार इस गुहार को सुनता है तो वह भी बंदूक लेकर चरणदास को मारने निकल पड़ता है। ऐसे में हताश फूलबति जाकर तालाब में कूद जाती है। पीछे आ रहा जमींदार उसे बचा लेता है। इस तरह दुश्मनी को भूल दो परिवार एक हो जाते हैं। कहानी आगे बढ़ती है और जमींदार की दो बेटियां सीता (सुरेखा पारकर), गीता (उमा राजु) और चरणदास का बेटा नयनदास (कान मोहन) बड़े हो जाते हैं। गीता और नयनदास का बाल सुलभ आकर्षण प्रेम में परिवर्तित हो जाता है। आदर्शवादी जमींदार दहेज का विरोधी है इसलिए उसकी दोनों बेटियों के लिए सही रिश्ते नहीं आते हैं। एक और पात्र कमल नारायण (जफर अली फरिश्ता) स्वजातीय होने की वजह से जमींदार की बेटी से शादी करना चाहता है इसके लिए वह पंडित (शिवकुमार दीपक) को प्रलोभित कर बार-बार अपना रिश्ता जमींदार के घर भेजता है। लेकिन जमींदार इसके लिए तैयार नहीं होता। ऐसे में कमल नारायण लड़कियों की बदनामी शुरू कर देता है। अंतत: आम फिल्मी सुखांत की तरह गीता का ब्याह नयनदास से हो जाता है।

फिल्म से जुड़े विवाद की कहानी मनु नायक की ज़ुबानी
मेरी फिल्म ‘कहि देबे संदेस’ को जबरिया विवादित कराने का श्रेय रायपुर के उस सज्जन को जाता है, जिन्हें मुंबई में मैं अपनी इस फिल्म में एक महत्वपूर्ण जवाबदारी दे रहा था। लेकिन वह रात भर ड्रिंक करके सुबह उपलब्ध नहीं होते थे। इसलिए मैनें उन्हें अपनी फिल्म से हटा दिया। इसे उन्होंने अपना अपमान समझा और रायपुर आकर अपने स्वाजातीय लोगों के ‘पारा’ में जाकर भडक़ा दिया कि इस फिल्म में उनके समुदाय को नीचा दिखाया गया है। इससे उनके ‘पारा’ वाले एकजुट हो गए और धमकी दे दी कि टॉकीज में आग लगा देंगे और किसी भी हालत में रायपुर में इस फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। मनोहर टॉकीज के संचालक शारदाचरण तिवारी जी इन धमकियों से बेहद परेशान थे, उन्होंने भी फिल्म के पोस्टर अपने यहां से उतरवा लिए और फिल्म प्रदर्शित करने से मना कर दिया। इसके बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ। मेरी फिल्म में एक पात्र का नाम कमल नारायण है। संयोग से इसी नाम के एक चर्चित वकील और कांग्रेसी नेता रायपुर में थे। उन्होंने भी आपत्ति जता दी कि उन्हें व उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए खल पात्र का नाम कमल नारायण जानबूझकर रखा गया है। उन्हें भी मैनें किसी तरह समझाया।

इंदिरा गांधी ने देखी सांसदों-विधायकों के साथ मेरी फिल्म
मनु नायक जी ने बताया – “जिस सज्जन ने विवाद को हवा दी थी उन्होंने दुर्ग और भाठापारा में फिल्म रिलीज होने के तुरंत बाद कुछ लोगों को दिल्ली ले जाकर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर दी। उच्च स्तरीय शिकायत के बाद तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने फिल्म देखने के लिए एक कमेटी बनाई। स्क्रीनिंग की तारीख तय हुई तो मैनें मंत्रालय में अपील की कि इस दौरान छत्तीसगढ़ के तमाम सांसदों और दिल्ली में उपलब्ध छत्तीसगढ़ के विधायकों को भी बुलवाया जाए। लिहाजा सांसद डॉ.खूबचंद बघेल, मिनीमाता और विधायक बृजलाल वर्मा सहित अन्य लोगों ने फिल्म देखी। स्क्रीनिंग के दौरान श्रीमती गांधी भी पहुंची उन्होंने फिल्म का कुछ हिस्सा देखा और रायपुर की कांग्रेसी सांसद मिनी माता से कुछ जानकारी ली। मैं उस स्क्रीनिंग में नहीं था। मुझे माता जी और डॉ.बघेल ने बताया था कि इंदिरा जी ने फिल्म को बड़े चाव से देखा था। इसके बाद माताजी ने मुझे इंदिरा जी से मिलवाया तो मैनें तुरंत उन्हें विवाद की पृष्ठभूमि का सार बता दिया। इस पर उन्होंने कहा कि ‘नहीं-नहीं आपने बहुत अच्छी फिल्म बनाई है और ऐसी फिल्म और बननी चाहिए’। इसके बाद शाम को उन्होंने प्रेस में अपना वक्तव्य दे दिया कि – यह फिल्म राष्ट्रीय एकता पर आधारित है। उसके बाद सारा विरोध स्वतः दब गया। हालांकि रायपुर में एक समुदाय विशेष के लोग तब भी मेरी फिल्म को लेकर परेशान थे। उनके समुदाय के कुछ बुजुर्ग मेरे रायपुर वाले घर में आकर रोज आजिजी करते थे कि – ‘भांवर के सीन भर ला काट दे ददा’। ऐसे में रोज-रोज की आजिजी से तंग आकर मैनें नायक-नायिका के फेरे सहित कुछ दृश्य काट दिए। मैनें अनमने ढंग से सिर्फ नायिका की बिदाई दिखा कर नायक को फौज में जाते हुए एक दृश्य डाल दिया। हालांकि इस दृश्य की वजह से ही फिल्म का अंत गड़बड़ा गया।”

एक चिट्ठी से हुई मेरी फिल्म टैक्स फ्री
नई दिल्ली में विवाद का पटाक्षेप होने के पहले से मैं मध्यप्रदेश के तत्कालीन रेवेन्यू मिनिस्टर से मिलकर अपनी फिल्म को टैक्स फ्री करवाने की जुगत में लगा था। लेकिन कोई बात नहीं बन रही थी। ऐसे में मैनें तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारका प्रसाद मिश्र को एक चिट्ठी लिखी। जिसमें मैंनें अपना उद्देश्य उल्लेखित करते हुए अंत में लिखा कि – “एक महान जननेता के रूप में ही नहीं बल्कि ‘कृष्णायन’ के अमर रचयिता के रूप में भी आपका सम्मान है।” हालांकि मुझे पहले ही (डॉ.एस.हनुमंत) नायडू साहब ने उन दिनों की चर्चा के मुताबिक बता दिया था कि श्री मिश्र ने ‘रामायण’ की तर्ज पर ‘कृष्णायन’ लिखवाई है। खैर, इसी दौरान दिल्ली में फिल्म की स्क्रीनिंग हुई और श्रीमती गांधी का बयान सारे प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित हो गया। इसके बाद बिना किसी कोशिश के खुद मुख्यमंत्री ने मुझे बुलवाया और कहा कि – जहां ऐसे मुद्दे पर नाटकों का मंचन तक नहीं होता वहां आपने पूरी फिल्म बनाई है यह बहुत बड़ी बात है। इस तरह उन्होंने बिना देखे ही मेरी फिल्म को टैक्स फ्री घोषित किया। बाद में मेरी श्री मिश्र के साथ एक और बैठक हुई जिसमें उन्होंने मुझे मध्यप्रदेश शासन का फिल्म सलाहकार नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा। हालांकि यह सब उस वक्त धरा रह गया, जब हमारे पलारी के विधायक बृजलाल वर्मा ने 36 विधायकों के साथ बगावत कर श्री मिश्र की सरकार गिरा गोविंद नारायण सिंह को मुख्यमंत्री बनवा दिया था। मेरी फिल्म टैक्स फ्री करने के साथ ही मध्यप्रदेश शासन के समाज कल्याण विभाग ने भी एक प्रिंट खरीदा। तब करीब 10 साल तक विभाग की ओर से मध्यप्रदेश विशेषकर छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में मेरी फिल्म का प्रदर्शन करता था। आज भी भोपाल में विभाग के पास मेरी फिल्म का प्रिंट रखा होगा।

श्री मनु नायक से निम्न पते पर संपर्क किया जा सकता है-
पता : 4बी/2, फ्लैट-34, वर्सोवा व्यू को-आपरेटिव सोसायटी, 4 बंगला-अंधेरी, मुंबई-53
मोबाइल : 098701-07222

 

© सर्वाधिकार सुरक्षित

आगे पढ़िए  .  .  .  अगले गीत में

 

 

प्रस्तुत आलेख लिखा है श्री मोहम्मद जाकिर हुसैन जी ने। भिलाई नगर निवासी, जाकिर जी पेशे से पत्रकार हैं। प्रथम श्रेणी से बीजेएमसी करने के पश्चात फरवरी 1997 में दैनिक भास्कर से पत्रकरिता की शुरुवात की। दैनिक जागरण, दैनिक हरिभूमि, दैनिक छत्तीसगढ़ में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं देने के बाद आजकल पुनः दैनिक भास्कर (भिलाई) में पत्रकार हैं। “रामेश्वरम राष्ट्रीय हिंदी पत्रकारिता” का प्रथम सम्मान श्री मोहम्मद जाकिर हुसैन जी को झांसी में दिसंबर 2004 में वरिष्ठ पत्रकार श्री अच्युतानंद मिश्र के हाथों दिया गया।


मोहम्मद जाकिर हुसैन
(पत्रकार)
पता : क्वार्टर नं.6 बी, स्ट्रीट-20, सेक्टर-7, भिलाई नगर, जिला-दुर्ग (छत्तीसगढ़)
मोबाइल : 9425558442
ईमेल : mzhbhilai@yahoo.co.in

 

पेश है आज का गीत …

हूँ~ ला ला लला
हूँ~ ल ला ला ला

तोर पैरी के झनर-झनर
चूरी के खनर-खनर
जीव ला~ ले ही
रेंगाई तोर हंसा असन
तोर पैरी के झनर-झनर
चूरी के खनर-खनर
जीव ला ले ही
रेंगाई तोर हंसा असन
तोर पैरी के झनर-झनर

पुन्नी के चंदा ला भुइंया मा~ लान के
सावन के बदरी मा बांधे हे~ तान के
बांधे हे तान के, तान के, होए
तोर पैरी के झनर-झनर

अंगना के गोंदा तैं सुरुज तैं~ बिहान के
नदिया के लहरा तैं हांसी तैं~ धान के
धान के हांसी तैं, धान के, हाए
तोर पैरी के झनर-झनर

बोले तौ कोयली तैं चंदन के~ डार के
महके तौ पखुरी तैं चंपा के~ हार के
चंपा के हार के, हार के, हाए
तोर पैरी के झनर-झनर
चूरी के खनर-खनर
जीव ला ले ही
रेंगाई तोर हंसा असन
तोर पैरी के झनर-झनर


गीतकार : डॉ.हनुमंत नायडू ‘राजदीप’
संगीतकार : मलय चक्रवर्ती
स्वर : मोहम्मद रफी
फिल्म : कहि देबे संदेस
निर्माता-निर्देशक : मनु नायक
फिल्म रिलीज : 1965
संस्‍था : चित्र संसार

‘कहि देबे संदेस’ फिल्म के अन्य गीत
दुनिया के मन आघू बढ़गे … Duniya Ke Man Aaghu Badhge
झमकत नदिया बहिनी लागे … Jhamkat Nadiya Bahini Lage
बिहनिया के उगत सुरूज देवता … Bihaniya Ke Ugat Suruj Devta
होरे होरे होरे … Hore Hore Hore
तरि नारी नाहना … Tari Nari Nahna
मोरे अंगना के सोन चिरईया नोनी … Mor Angna Ke Son Chiraeaya Noni

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

 

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …;

41 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. राहुल सिंह
    मार्च 12, 2011 @ 07:35:31

    बहुत जरूरी काम हो रहा है, घर-द्वार के बाद कहि देबे संदेस की जानकारी जुटाने का, जाकिर और राजेश जी आप दोनों को ढेरों-ढेर हार्दिक बधाई इस आशा के साथ कि यह सिलसिला जारी रहेगा.

    प्रतिक्रिया

    • cgsongs
      मार्च 14, 2011 @ 07:19:20

      धन्यवाद… जरूर ये सिलसिला आगे भी जारी मिलेगा

      छत्तीसगढ़ी गीत संगी में प्रस्तुत करने के लिए सभी संगवारी से अनुरोध है की वे अपनी जानकारी हमें भेजे जिससे की हम छत्तीसगढ़ी गीत संगीत व लोककला से जुड़ी विभिन्न जानकारियां सर्वसुलभ करा सके.

      प्रतिक्रिया

  2. Mani Das Manikpuri
    मार्च 14, 2011 @ 08:44:25

    bahut hi umda prayas he.eaker bar aap la gada 2 badhai.

    प्रतिक्रिया

  3. neeraj
    मार्च 14, 2011 @ 10:17:07

    bahut badiya kaam hovat he hamar chhattisgadhi gana la bahir ke man chorake abbad paisa aau naam kamate he

    प्रतिक्रिया

  4. pradeep soni
    मार्च 14, 2011 @ 11:25:28

    Really it’s a very good apporach, it is good for chattisgarhi film’s and chattisgarhi culture. Welldone all of you

    प्रतिक्रिया

  5. Chattisgarhiya sable badiya
    मार्च 14, 2011 @ 12:54:51

    Kyu naam kharab kar rahe ho ye lo quality ka site banakar……koi dhang ka site banao time paas mat karo

    प्रतिक्रिया

  6. Chattisgarhiya sable badiya
    मार्च 14, 2011 @ 12:57:20

    Yaha chhaiya bhuiya k gane nahi mil sakte kya…….band karo is site ko ye hum logo ki bezzati hai….gane chori karke film wale gane ko hit to karte hai kam se kam tum log kya karte ho….thallu chaap site bana diya ho gay

    प्रतिक्रिया

    • cgsongs
      मार्च 14, 2011 @ 18:00:09

      छत्तीसगढ़ी गीत संगी – अभी एक ब्लॉग के रूप में है, बाद में इसे स्वतंत्र वेबसाइट का रूप देने की योजना है, आपके अनुसार इसे कैसा होना चाहिए अगर विस्तार से हमें बता सके तो अच्छा होता|

      प्रतिक्रिया

  7. युगल
    मार्च 14, 2011 @ 16:13:24

    बढिया प्रयास है. लेकिन मुफ्त में गाने डाउनलोड करने पर कॉपी राईट उल्लंघन का क्या?

    प्रतिक्रिया

    • cgsongs
      मार्च 14, 2011 @ 17:47:11

      इस ब्लॉग में संकलन अव्यावसायिक प्रयोजन से जनहित लाभार्थ किया जा रहा है| गाने आप सिर्फ इस शर्त पर डाउनलोड कर सकते है कि आप उसका व्यावसायिक प्रयोग नहीं करेंगे, साथ ही इस ब्लॉग से जो भी सामग्री/लेख/गीत-गाथा/संगीत लिया जाये वह अपने मूल स्वरूप में ही रहना चाहिये, उनसे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ अथवा फ़ेरबदल नहीं किया जा सकेगा। बगैर अनुमति किसी भी सामग्री के व्यावसायिक उपयोग किये जाने पर कानूनी कार्रवाई एवं सार्वजनिक निंदा की जायेगी…

      कृपया ब्लॉग में नीचे दिए क्रियेटिव कॉमन्स लाइसेंस जरूर देखे|

      प्रतिक्रिया

  8. varsha yadav
    मार्च 14, 2011 @ 19:35:58

    thanks to create such a great songs and films. i am wishing for success of cg geet and sangeet.

    प्रतिक्रिया

  9. praveen kumar
    मार्च 14, 2011 @ 20:07:50

    it is a very good work done by lanch a cg songs we are sarch a long time to cg veb. Very thangs to given great songs.

    प्रतिक्रिया

  10. Ajay
    मार्च 15, 2011 @ 07:43:24

    ek dum sughar kaam howat hawe sangwari hamar chhattisgarhi gana man la bachaye ke khateer………..ye web site la banaye wala la main dhanyawaad dena chahu……thnx sangwariiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii……..korba

    प्रतिक्रिया

  11. Dev
    मार्च 15, 2011 @ 08:41:33

    Bahut badiya .

    प्रतिक्रिया

  12. MAENDRA PRATAP SINGH
    मार्च 15, 2011 @ 11:33:58

    thanks to create such a great songs & its culture. i am wishing for success of cg geet and sangeet. always go a head.

    thanks

    प्रतिक्रिया

  13. prashantkrlal
    मार्च 15, 2011 @ 16:15:16

    i proud to be a chhattisgarhian, very swwet and heart touchhing song
    thanks for the maker
    prashant

    प्रतिक्रिया

  14. ravi chandrakar
    मार्च 15, 2011 @ 17:08:44

    Andhkar me ek diya to jalaya kisi ne…AP to sirf. Dikhkkarne. Ka kam. Kar. Rahe. Ho……..what. quality,just be objective. Ur suggestion r important we don’t care. Ur demoralizing comment.

    प्रतिक्रिया

  15. G.Bhima Rao
    मार्च 15, 2011 @ 17:33:12

    Apko aur Apke Vicharon ko Shat-Shat Naman. C G Songs Itihas ki dharohar hai .Ise koi chhedne na paye. Yah ham sabki responsibility hai.

    प्रतिक्रिया

  16. cgsongs
    मार्च 15, 2011 @ 18:11:44

    मणिदास मानिकपुरी, नीरज, प्रदीप सोनी, युगल, वर्षा यादव, प्रवीण कुमार, अजय, देव, महेंद्र प्रताप सिंह, प्रशांत कु.लाल, रवि चन्द्राकर, जी.भीम राव जी आप सबका धन्यवाद…

    प्रतिक्रिया

  17. SUDHIR DIXIT
    मार्च 15, 2011 @ 21:42:13

    BAHUT HI ACHHHA PRAYS HAI

    प्रतिक्रिया

  18. thakur anand
    मार्च 16, 2011 @ 16:41:20

    chhattisgarh gano ka sangrah ka prayas jaruri hai

    प्रतिक्रिया

  19. thakur anand
    मार्च 16, 2011 @ 16:42:09

    bahut achha hai thanks

    प्रतिक्रिया

  20. हितेन्द्र कुमार श्रीवास
    मार्च 16, 2011 @ 18:44:13

    बेहतरीन शु्क्रिया ।

    प्रतिक्रिया

  21. yogendra pahare
    मार्च 16, 2011 @ 18:57:27

    BAHUT BADHIYA pahli bar me acha lag gaya

    प्रतिक्रिया

  22. AJAY SONI
    मार्च 16, 2011 @ 21:53:16

    maza aage bhaiya achhaa kam kare has

    प्रतिक्रिया

  23. rajesh kumar verma
    मार्च 17, 2011 @ 22:26:46

    Bahut Badiya prayas he aapman ke hum jummo chattisgadiya man ke taraf se gada gada badhai…………

    प्रतिक्रिया

  24. cgsongs
    मार्च 18, 2011 @ 07:53:19

    सुधीर, आनंद, हितेंद्र, योगेन्द्र, अजय, राजेश वर्मा जी आप सबका धन्यवाद…

    प्रतिक्रिया

  25. Vinay Shrivastava
    मार्च 18, 2011 @ 13:23:36

    Excellent work done by you. My heartiest congratulations to you all who has given their valuable effort to bring this on world wide webs. I hope to see the result of this effort as inspiring many other to do something great in chhattishgarhi films/musics and in literature.

    प्रतिक्रिया

  26. Trilok Deshmukh
    मार्च 19, 2011 @ 16:21:19

    cg songs ks collection bahut achha hai. apke prayas kafi prashanshniya hai.

    प्रतिक्रिया

  27. mohinish sahu
    जुलाई 08, 2011 @ 20:18:52

    bad sugghar have ji…………….

    प्रतिक्रिया

  28. kuber sinha
    नवम्बर 18, 2011 @ 15:01:00

    bhaiya man la Mor Dahar Le Bahu Bahut Dhanyawad Jo Ki hamar CG Paramparik lok kala la jan jan tak pahuchaye ke beeda uthaye he

    प्रतिक्रिया

  29. sandeep
    दिसम्बर 17, 2011 @ 12:06:22

    cg ka filmy song add karo plese

    प्रतिक्रिया

  30. हरिभजन सिंह डहरिया
    मार्च 28, 2012 @ 12:53:49

    ईही ल कहिथे कहिथे छत्तिसगढीया सबले बढीया

    हमर छत्तिसगढ. के पहली फिलीम के गाना मन ल बहुत दिन से खोजत रेहेव वो हा इहिचे मिलीस हे ।
    बहुत बहूत धन्‍यवाद एकरबर ।
    मोला बहूत ही अच्‍छा लागीस ए आप मन के संग्रह ल देख के ।
    बहूत ही खुशी हे हमला की आप मन की छत्तिसगढ. के धरोहर ला संजो के रखे हव मोला तो पहलीच बार म बहूत बहत ध्‍यन्‍यवाद ।
    मोला ए संग्रह ल देख के अतेक खुशी होवत हे की मै बता नई सकव ।

    चंद्राकर जी आप मन ला बहूत बहूत धन्‍यवाद ।

    प्रतिक्रिया

  31. प्रवीन सिंह राजपूत
    जुलाई 01, 2012 @ 20:20:09

    एतेक अब्बड़ सुग्घर लेख अव जानकारी देव आप मन हा एखर सेती आप मन ला गाड़ा गाड़ा बधाई हो जी.

    प्रतिक्रिया

  32. humtum74
    जुलाई 16, 2012 @ 16:47:12

    बेटियों पर एक छत्तीसगढ़ी लोगगीत ढूढ़ रहा हूं । यदि आप मदद कर सकें तो आभारी रहूंगा।

    प्रतिक्रिया

  33. abhay mishra
    जुलाई 16, 2012 @ 16:50:11

    बेटियों पर एक छत्तीसगढ़ी लोगगीत ढूढ़ रहा हूं । यदि आप मदद कर सकें तो आभारी रहूंगा।

    प्रतिक्रिया

  34. manohar das mersa
    जून 29, 2013 @ 14:58:41

    kya sir ji ye film aapke pass mil sakta hai batlaeye ga
    dhanyavad

    manohar das mersa

    प्रतिक्रिया

  35. Chhaliya Ram Sahani 'ANGRA'
    दिसम्बर 06, 2014 @ 15:13:19

    Rafi sahab ke awaz au dr. Hanumant Naidu ke rachana dona chandan pani barobar mil ge he.

    प्रतिक्रिया

  36. Mahendra singh Rajpoot
    नवम्बर 06, 2016 @ 09:35:52

    छत्‍तीगढी लोक गीतों में विविधता है यहां की संस्‍क़ति में गीत का बहुत महत्‍व है जिसे उजागर करने का प्रयास बहुत ही महत्‍वपूर्ण है उम्‍मीद है कि यह प्रयास यथावत जारी रहेगा

    प्रतिक्रिया

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