तरि नारी नाहना … Tari Nari Nahna

पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कहि देबे संदेस के निर्माता-निर्देशक श्री मनु नायक जी से आप तक पहुँचाने के लिए फिल्म के गानों का ऑडियो और फोटोग्राफ प्राप्त हुआ है।

आज लाए है आपके लिए ‘कहि देबे संदेस’ फिल्म का पांचवा गीत…

कहि देबे संदेस

 

कुछ बातें कलाकारों की
‘कहि देबे संदेस’ सीमित बजट में बनीं थी। इस लिहाज से कलाकारों के मामले में निर्माता-निर्देशक मनु नायक को बहुत हद तक समझौता करना पड़ा। मुख्य पात्रों के अलावा ढेर सारे पात्र स्थानीय स्तर पर लिए गए या फिर ऐसे लोगों को मौका दिया गया जो बड़े परदे पर आने का ख्वाब संजोए हुए थे। मुख्य कलाकारों में नायक की भूमिका कान मोहन ने निभाई है। कान मोहन सुपरहिट सिंधी फिल्म ‘अबाना’ में मुख्य भूमिका की वजह से चर्चा में आए थे। इसके बाद छत्तीसगढ़ी की शुरूआती दौर की दोनों फिल्में ‘कहि देबे संदेस’ और ‘घर-द्वार’ में नायक की भूमिका कान मोहन ने ही निभाई। इसके अलावा बाद की फिल्मों में वह ज्यादातर चरित्र भूमिकाओं में नजर आए। उनकी एक प्रमुख फिल्म अमिताभ बच्चन और नवीन निश्‍चल अभिनीत ‘फरार’ है। महेश कौल निर्देशित ‘हम कहां जा रहे हैं’ में भी कान मोहन नजर आए थे। वह राजेश खन्ना और कादरखान के साथ थियेटर में भी सक्रिय रहे। इन दिनों वह गोरेगांव सिद्धार्थ नगर मुंबई में रहते हैं।

फिल्म की नायिकाओं में उमा राजु मूलतः मराठी फिल्मों की नायिका थी। हिंदी फिल्मों में राजश्री प्रोडक्शन की ‘दोस्ती’ में बहन का किरदार उमा राजु ने ही निभाया था। नायिका की बहन का किरदार अदा करने वाली सुरेखा पारकर की पहली फिल्म ख्वाजा अहमद अब्बास की ‘शहर और सपना’ थी। जिसे राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल हुआ था। नायक कान मोहन के दोस्त की भूमिका साप्ताहिक हिंदुस्तान के तब के पत्रकार कपिल कुमार थे। खल पात्र कमल नारायण का किरदार निभाने वाले स्व.जफर अली फरिश्ता रायपुर के थे, जिन्होंने मुंबई फिल्मी दुनिया में लंबा अरसा गुजारा और छोटी-बड़ी भूमिकाएं करने के अलावा उन्होंने ‘भागो भूत आया’ नाम से फिल्म भी बनाई थी, जिसे अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिला।

फिल्म में नायिका की मां की भूमिका निभाने वाली दुलारी बाई किसी परिचय की मोहताज नहीं है। उस दौर में निरूपा राय से पहले दुलारी बाई ‘मां’ के किरदार के लिए सर्वाधिक व्यस्त कलाकार हुआ करती थी। राजेश खन्ना व धर्मेंद्र की फिल्मों में तब दुलारी बाई अनिवार्य हिस्सा हुआ करती थीं। वहीं नायक की मां की भूमिका निभाने वाली सविता गुजराती रंगमंच की कलाकार थी।

नायिका के पिता की भूमिका निभाई है रमाकांत बख्शी ने। खैरागढ़ निवासी और प्रसिद्ध साहित्यकार पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी के भतीजे रमाकांत बख्शी रंगमंच में सक्रिय थे। इस फिल्म के बाद एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में उनकी मौत हो गई थी। वहीं नायक के पिता की भूमिका अदा करने वाले विष्णुदत्त वर्मा भी रंगमंच से जुड़े हुए थे। विधायक बृजलाल वर्मा रिश्ते में उनके भाई थे। फिल्म की शुरूआत में मनु नायक ने आभार में बीडीओ पलारी ए.पी.श्रीवास्तव का भी नाम दिया है। दरअसल प्रशासनिक स्तर पर श्री श्रीवास्तव ने फिल्म की यूनिट को काफी मदद की थी। जब फिल्म में दोनों नायिकाओं के बचपन की भूमिका का मामला आया तो मनु नायक ने श्री श्रीवास्तव की बेटी बेबी कुमुद और विष्णुदत्त वर्मा की बेटी बेबी केसरी को यह मौका दिया। दोनों के नाम का उल्लेख टाइटिल में भी है। फिल्म में स्कूल के शिक्षक की भूमिका अदा करने वाले सोहनलाल वास्तविक जीवन में भी शिक्षक ही थे। उस वक्त उनकी पदस्थापना बलौदाबाजार में थी।

श्री शिवकुमार दीपक उर्फ रसिकराज ने इस फिल्म में पंडित की भूमिका की है। जो कमल नारायण (जफर अली फरिश्ता) के प्रलोभन में आकर कर बार-बार उसका रिश्ता लेकर जमींदार के घर जाता है। कही देबे संदेस’ की रिलीज के बाद बनी फिल्म ‘घर द्वार’ में भी रसिकराज और जफर अली फरिश्ता ने भूमिका की।

फिल्म के ज्यादातर गीतों में अंजाने से कलाकारों को मौका दिया गया है। मसलन ‘होरे…होरे’ गीत ही लीजिए। इस गीत में कलकत्ता की थियेटर आर्टिस्ट बीना और मराठी रंगमंच के कलाकार सतीश नजर आते हैं। सतीश के साथ छोटे कद का कलाकार टिनटिन भी मराठी रंगमंच का है। एक अन्य गीत ‘तोर पैरी के…’ में मुंबई के ही एक कलाकार पाशा को मौका दिया गया जिसमें उनके साथ राजनांदगांव की कलाकार कमला बैरागी भी नजर आती हैं।

श्री मनु नायक से निम्न पते पर संपर्क किया जा सकता है-
पता : 4बी/2, फ्लैट-34, वर्सोवा व्यू को-आपरेटिव सोसायटी, 4 बंगला-अंधेरी, मुंबई-53
मोबाइल : 098701-07222

 

© सर्वाधिकार सुरक्षित

आगे पढ़िए  .  .  .  अगले गीत में

 

 

प्रस्तुत आलेख लिखा है श्री मोहम्मद जाकिर हुसैन जी ने। भिलाई नगर निवासी, जाकिर जी पेशे से पत्रकार हैं। प्रथम श्रेणी से बीजेएमसी करने के पश्चात फरवरी 1997 में दैनिक भास्कर से पत्रकरिता की शुरुवात की। दैनिक जागरण, दैनिक हरिभूमि, दैनिक छत्तीसगढ़ में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं देने के बाद आजकल पुनः दैनिक भास्कर (भिलाई) में पत्रकार हैं। “रामेश्वरम राष्ट्रीय हिंदी पत्रकारिता” का प्रथम सम्मान श्री मोहम्मद जाकिर हुसैन जी को झांसी में दिसंबर 2004 में वरिष्ठ पत्रकार श्री अच्युतानंद मिश्र के हाथों दिया गया।


मोहम्मद जाकिर हुसैन
(पत्रकार)
पता : क्वार्टर नं.6 बी, स्ट्रीट-20, सेक्टर-7, भिलाई नगर, जिला-दुर्ग (छत्तीसगढ़)
मोबाइल : 9425558442
ईमेल : mzhbhilai@yahoo.co.in

 

पेश है आज का गीत …

तरि नारी नाहना मोर नाहना रि नाहना भई
सुआ हो तरिओ नारी नाहना रे नाहना

तरि नारी नाहना मोर नाहना रि नाहना भई
सुआ हो तरिओ नारी नाहना रे नाहना

सुनावत बने ना लुकावत बने मन के बतिया रे
सुअना हो कहि देबे पिया ला संदेस
हो~ कहि देबे पिया ला संदेस

दिन होगे बैरी मोर राते साउतिया रे
सुअना हो कहि देबे पिया ला संदेस
हो~ कहि देबे पिया ला संदेस

तरि नारी नाहना मोर नाहना रि नाहना भई
सुआ हो तरिओ नारी नाहना रे नाहना

दे डारेंव दिल ला बिसा डारेंव पीरा
तेंही सोन चांदी तेंही मोर हीरा तेंही मोर हीरा

एके डारि चढ़थे मोर कठुआ के हढ़िया रे
सुअना हो कहि देबे पिया ला संदेस
हो~ कहि देबे पिया ला संदेस

तरि नारी नाहना मोर नाहना रि नाहना भई
सुआ हो तरिओ नारी नाहना रे नाहना

हो~ कहि देबे पिया ला संदेस

तरि नारी नाहना मोर नाहना रि नाहना भई
सुआ हो तरिओ नारी नाहना रे नाहना

पावें मां पड़ गे-हे गांवें के पहरा
मन होगे जइसे हवा बिन लहरा हवा बिन लहरा

जिनगी मोर हो-गे-हे पानी बिन तरिया रे
सुअना हो कहि देबे पिया ला संदेस
हो~ कहि देबे पिया ला संदेस

तरि नारी नाहना मोर नाहना रि नाहना भई
सुआ हो तरिओ नारी नाहना रे नाहना

दिल मा जरे आगी आंखी मा पानी
नारी के धरती मा एतकेच कहानी एतकेच कहानी

आंसू के नदियां मा तंऊरे हे तिरिया रे
सुअना हो कहि देबे पिया ला संदेस
हो~ कहि देबे पिया ला संदेस

तरि नारी नाहना मोर नाहना रि नाहना भई
सुआ हो तरिओ नारी नाहना रे नाहना

तरि नारी नाहना मोर नाहना रि नाहना भई
सुआ हो तरिओ नारी नाहना रे नाहना

तरि नारी नाहना मोर नाहना रि नाहना भई
सुआ हो तरिओ नारी नाहना रे नाहना

 


मीनू पुरुषोत्तम


गायन शैली : सुआ गीत
गीतकार : डॉ.हनुमंत नायडू ‘राजदीप’
संगीतकार : मलय चक्रवर्ती
स्वर : मीनू पुरुषोत्तम
फिल्म : कहि देबे संदेस
निर्माता-निर्देशक : मनु नायक
फिल्म रिलीज : 1965
संस्‍था : चित्र संसार

‘कहि देबे संदेस’ फिल्म के अन्य गीत
दुनिया के मन आघू बढ़गे … Duniya Ke Man Aaghu Badhge
झमकत नदिया बहिनी लागे … Jhamkat Nadiya Bahini Lage
बिहनिया के उगत सुरूज देवता … Bihaniya Ke Ugat Suruj Devta
तोर पैरी के झनर-झनर … Tor Pairi Ke Jhanar Jhanar
होरे होरे होरे … Hore Hore Hore
मोरे अंगना के सोन चिरईया नोनी … Mor Angna Ke Son Chiraeaya Noni

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

 

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …;

17 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. राहुल सिंह
    मार्च 29, 2011 @ 11:44:34

    यहां तो शीला टाइप मारक जवान हैं, शिवकुमार जी… देखकर अच्‍छा लगा. जुग-जुग जिएं.

    प्रतिक्रिया

  2. Budheswer
    मार्च 31, 2011 @ 20:33:42

    अच्छा काम करे हस भैय्या, मजा आ-गीस

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  3. NIRMAL SAHU
    अप्रैल 01, 2011 @ 21:39:45

    छत्तीसगढ़ी गीत संगी के माध्यम से अपन संस्कृति, लोक कला अऊ परंपरा ल जाने-सुने के सुघ्घर मौका मिलत हे एकर बर भाई राजेश चंद्राकर आपके प्रयास सराहनीय है। पहली छत्तीसगढ़ फिल्म कहि देबे संदेश के बारे में जाकिर हुसैन जी ह रोज नवा-नवा जानकारी देवत हे। पढ़ के गर्व होवत हे कि हमर छत्तीसगढ़ ह कला और रचनाधर्मिता में कतेक समृद्ध हावे।

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  4. Hitendra Kumar Shrivas
    अप्रैल 01, 2011 @ 22:31:03

    Love & Thank

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  5. omprakash bhanu
    अप्रैल 03, 2011 @ 19:54:14

    kuch naya geet bhi daaley…….

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  6. vede rajput
    अप्रैल 04, 2011 @ 18:14:54

    sir aapne jo ek hamari mati ke liya jo pahal kia hai,,ye apne aap me ek mahan sanyog kai.sir mai bhilai ek enng clz engg ka student hu..apke hi tarah mujhe b cg songs ka bahut saukh hai.bahut bahut hdnyawad sir..!!!

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  7. Hemant Jagtyani
    अप्रैल 06, 2011 @ 07:52:56

    aap man ke ye prayas wandneey hai, chhattisgarhi sangeet ke suraksha bar aur badhaye ke bhawana bar mei aap la dhanyawad dewat haon.

    प्रतिक्रिया

  8. mohinish sahu
    जुलाई 08, 2011 @ 20:34:47

    kitna taklifon k bavjut ye film tayyar hua hai ye golden jubli film vakai kitna mehnat kiya hai in mahan buzurgon ne……………. shish navan kar koti koti pranam inhen……..

    प्रतिक्रिया

  9. aman manikpuri anjor das
    जुलाई 28, 2011 @ 16:46:08

    bahut kuchh jine ke baad hi is prakar ke gane likhe aur gaye jate hai…
    git sangit ki saskt sadhna ka utkrista udahran hai ye superhit git…..

    प्रतिक्रिया

  10. aman manikpuri anjor das
    अगस्त 03, 2011 @ 12:34:32

    का पुरबल के भाग जागे हो रे सुवना ,
    तिरया जनम ऐसे आगे ..
    छोर के छ्न्दना ऐसे छूटगे माया के बंधना बंधागे ,
    मंगनी मया अतेक चिन्हौर मइके पराया लागे,
    ननपन भूले झूले झुलना माया के छैहा,
    ससुरे के दिन भुलागे ,
    सिया बिहा छूटगे तहले,
    खटिया गोरसी नोहरागे.
    का पुरबल के भाग जागे हो रे सुवना ,
    तिरया जनम ऐसे आगे ..
    ऐसे के बेरिया कोंन पुछैया,तिरया जनम तिरयागे,
    ताना ठोसरा म जिनगी खपगे रोवत गावत पहागे,,
    का पुरबल के भाग जागे हो रे सुवना ,
    तिरया जनम ऐसे आगे ………..

    गीतकार ;-
    एमन दास मानिकपुरी
    औंरी भिलाई-३ दुर्ग (छ.ग.)

    प्रतिक्रिया

  11. vikram
    सितम्बर 06, 2011 @ 15:43:25

    छत्‍तीसगढ़ी गीतों के माध्‍यम से हमारी उत्‍कृष्‍ट संस्‍कृति की झलक दिखती है परन्‍तु आजकल के युवा/युवतियों में छत्‍तीसगढ़ी भाषा, गीत एवं अन्‍य सांस्‍कृतिक विरासत के प्रति लगाव कम हो रहा है जिसे उनके बीच कायम रखने के लिए हम सभी को व्‍यक्तिगत संपर्क करना होगा या इस प्रकार के माध्‍यम अपनाने होंगे कि वे इससे जुड़े । हमारी सर्वश्रेष्‍ठ संस्‍कृति कहीं गुम न हो जाय इस बात की चिंता हमें भी है ।

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  12. UTTAM JAIN
    अक्टूबर 26, 2011 @ 22:30:10

    KITNI MEHNAT SE AAP YAH SAB KAR RAHE HAIN SAMJHA JA SAKTA HAI , KAHI DEBE SANDESH KE SAB GEET AAP SUNA RAHE , TARIHARINANNA GANA KA OLD EDITION SUNA KAVITA VASNIK KA BHI SUNA MAJA KAVITA VASNIK KE GANE ME HAI

    प्रतिक्रिया

  13. Gaurav singh yadav
    दिसम्बर 05, 2011 @ 22:24:31

    This is a good songs. This is very good webside ,it has we know all the histery of C.G. songs and movie

    प्रतिक्रिया

  14. gopeshwari
    फरवरी 29, 2012 @ 00:22:54

    adbhut…………..

    प्रतिक्रिया

  15. Alakh mishra
    जुलाई 17, 2012 @ 23:37:32

    KOI V GEET POORYE DOWNLOD NAHI HO RAHE HAI…….kyo…………??????? plz help me…!!!!1

    प्रतिक्रिया

  16. homendra deshmukh
    नवम्बर 06, 2014 @ 20:59:59

    Homendra Deshmukh
    बहुत दिनों बाद तीन गाने सुने , बहुत सुन्दर ज़ाकिर भाई को भी नमस्कार !

    प्रतिक्रिया

  17. Chhaliya Ram Sahani 'ANGRA'
    दिसम्बर 03, 2014 @ 15:22:28

    Tari hari na na sua , apan man ke goth au maya la janway au samjhaye ke bahut sughghar sadhan rihis .maya pira dono ke.

    प्रतिक्रिया

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