कै दल आवत हे … Kai Dal Awat He

परघनी

बराती जब बरात ले के कन्या के गांव पहुंचथे त वधू पक्ष कोती ले बराती मन के अबढ़ जोर सोर से स्वागत करे जाथे, जेला परघनी कहे जाथे। परघनी म दुनों पक्ष के समधि के मिलन होथे जेला समधी भेंट कहे जाथे।

बरात परघनी

बरात के परघनी देखे के मन-ले कोनों ह छत म चघ जथे त कोनों ह देहरी म निकल जथे। परघनी के कुछ गीत म बरात देखे के उत्सुकता मिलथे त कुछ म माटी धुररा ले सनाये बराती मन ल देख के वर ल महादेव के रूप म बताये गे-हे, त कोनों म ओकर सजई-संवरई ल देख के राजा दसरथ के बेटा राम के बरात बताये गे-हे। छत्तीसगढ़ी लोकगीत म परघनी के समय इही दू रूप दिखथे।

परघनी गीत के कुछ उदाहरण –

बड़े-बड़े देवता रेंगत हे बरात
बरमा महेस
लिली हंसा घोड़वा में रामजी चघे हे
अउ लछिमन चघे सिंघ-बाघ

लहसत रेंगत डांडी अउ डोलवा
नाचत रेंगथे बरात
कै दल रेंगथे मोर हाथी अउ घोड़वा
कै कै दल रेंगथे बरात

हाथी मा लादये दारू अउ गोली
कै ऊंटवा मा बान चघाय
कै दल घोड़वा सहस दल मोर हथिया
पैगा के हावे अनलेख

लाली अउ पियरी बरतिया दिखत हे
के कते दल दुलरू दमाद
झीना पिछौरी के अलगा डारे हे
के यही हर दुलरू दमाद

– o –

हाथ धरे लोटिया खांधे में धरे पोतिया
सगरी नहाये चले जाबो
पनिया हिलोरे गौरी नहावय
परगे महादेव के छांही
सात समुन्दर ल तैं धाये महादेव
परगे महादेव के छांही
एक फुल टोर के मैं मइके भेजायौं
दाईन के देस महादेव के साथे
किया तुम हवौ राजा बोरे भौरे
किया तुम हवौ राजा कंच कुंवारे
तुम्हर पलंग ह सांकुर हवय
कैसे के काहौं बिहाने

ना हम बारे कन्या ना हम भोरे
ना हम कंच कुंवारे
तुम्हर कोखे में पुत नइये
रचत हवौ दूसरे बिहावे

कोन तोरे है राजा डोलहा बजनिया
कोन तोरे ठसैं बरातें
गंगा नागिन ल मैं गर म लपेटयों
बइला म चढ़े महादेव
चंदा सुरुज ह आरतिया बरतिया
अरजुन ठसैं बरातें
एक कोस रेगों
दूसर कोस रेगों
तिसर म परगे मइलाने
कोन देसुरा म बाजा बजत है
घपटत आवथे बराते

किया तैं आये बही ओ वेपारी
पहुंचत हवै बराते
नोहय बही दाई नोहय वेपारी
पहुंचत हवै महादेवै
चंदा सुरुज असन बेटी दिखथे
अउ जोगड़ा बर रचथे बिहावे
नोहय बही दाई नोहय वेपारी
पहुंचत हवै महादेवै

चलौ अरोसिन चलौ परोसिन
जोगड़ा के करौ परघनी
राम रसोई तुम रांधौ बहुरिया
त जोगड़ा आवथे बराते
किया भंवर के कारन मरदनिया
बला दव जोगड़ा के आये हे बराते

आवौ अरोसिन आवौ परोसिन
जोगड़ा के करदौ टिकावन
हंउला बटलोही परथे दाइज
राम रसोई मोर चुरगे
जेन ते जोगड़ा ल देवौ भोजन
हाथी घोड़ा के लगे पलाने
झांपी पेटी के अनलेख

आवौ अरोसिन आवौ परोसिन
जोगड़ा के कर देबो बिदा
एक कोस रेगें
दूसर कोस रेगें
तिसर म परगे मइलाने
तिसर कोस रेंगेव
चउथ कोस रेंगेव
पांचे म पहुंचे अपन राजे

अपन सहर मा महादेव पहुंचे
कि दुनिया के आवथे देखइया
निकरव कइसे अपन महल ले
कि डोलवा परिखन लागय
नइ मैं निकरवं राजा अपन महल ले
कि डोलवा परिखय तोर बेटा
एक परिखै तोर भाई भतिजवा
एक परिखै ममा के बेटा

पानी के बूंदे वो सउते के बोली
कइसे मा जनम पहा है
एक मिली रइहौ
एक मिली खइहौ
एक मिली जनम पहा है
एक मिली कुटी हौ
एक मिली पिसि हौ
एक मिली महादेव के सेवा ला करिहौ

 

आओ सुनथन आज के परघनी गीत…

कै दल आवत हे मोर हथियन घोड़वा
कै दल आवत हे बराती
कि अब देखो अब देखो हो ललना
कि अब देखो अब देखो हो ललना

दस दल आवत हे मोर हथियन घोड़वा
बीस दल आवत हे बराती
कि अब देखो अब देखो हो ललना
कि अब देखो अब देखो हो ललना

कै दल आवत हे मोर हथियन घोड़वा
कै दल आवत हे बराती
कि अब देखो अब देखो हो ललना
कि अब देखो अब देखो हो ललना

दस दल आवत हे मोर हथियन घोड़वा
बीस दल आवत हे बराती
कि अब देखो अब देखो हो ललना
कि अब देखो अब देखो हो ललना

कामा समखीहव मैं हथियन घोड़वा
कामा समखीहव बराती
कि अब देखो अब देखो हो ललना
कि अब देखो अब देखो हो ललना

बखरी समखीहव मैं हथियन घोड़वा
डीपीया समखीहव बराती
कि अब देखो अब देखो हो ललना
कि अब देखो अब देखो हो ललना

कामा समखीहव मैं हथियन घोड़वा
कामा समखीहव बराती
कि अब देखो अब देखो हो ललना
कि अब देखो अब देखो हो ललना

बखरी समखीहव मैं हथियन घोड़वा
डीपीया समखीहव बराती
कि अब देखो अब देखो हो ललना
कि अब देखो अब देखो हो ललना

कि अब देखो अब देखो हो ललना
कि अब देखो अब देखो हो ललना
कि अब देखो अब देखो हो ललना
कि अब देखो अब देखो हो ललना


गायन शैली : ?
गीतकार : ?
रचना के वर्ष : ?
संगीतकार : ?
गायन : ?
संस्‍था/लोककला मंच : ?

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …

8 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. राहुल सिंह
    जून 10, 2011 @ 16:23:24

    चलात रहव, बढि़या चलत हे.

    प्रतिक्रिया

  2. Harihar Vaishnav
    जून 12, 2011 @ 12:36:15

    Badhiyaa geet, sundar sangeet. Aabhaar.

    प्रतिक्रिया

  3. Zakir Ali Rajnish
    जून 12, 2011 @ 17:47:03

    बहुत बढिया।

    प्रतिक्रिया

  4. YUVRAJ
    जून 12, 2011 @ 18:15:22

    lovely song…..

    प्रतिक्रिया

  5. raj, new delhi
    जून 13, 2011 @ 10:57:28

    chhatisgrhi lokgeeton ko sangrah kar ke logo ko eske bare me avgat karane ka aapke prayas bahut sarahneey hai. meri shubhkamnayein aapke saath hai.

    प्रतिक्रिया

  6. moolchand nirmal
    मई 02, 2013 @ 18:00:22

    very good songchhatisgrhi lokgeeton ko sangrah kar ke logo ko eske bare me avgat karane ka aapke prayas bahut sarahneey hai. meri shubhkamnayein aapke saath hai.

    प्रतिक्रिया

  7. SANUK LAL YADAV
    अक्टूबर 30, 2013 @ 20:28:50

    NICE .THANKS.

    प्रतिक्रिया

  8. tikamsaragtora
    फरवरी 18, 2014 @ 18:23:33

    saragtora.blogspot.com

    प्रतिक्रिया

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