हम-का जानी हम-का जानी … Ham-Ka Jani

भड़ौनी व गारी गीत

भड़ौनी गावत जेवनास जात बरात

हम-का जानी हम-का जानी, दुरूग भिलई के पानी रे
हम-का जानी हम-का जानी, दुरूग भिलई के पानी रे
आये हे बरतिया मन हा, मारत हे उदानी रे
आये हे बरतिया मन हा, मारत हे उदानी रे

बड़े बड़े रमकलिया चानी, भीतरी में गुदा भराये वो
बड़े बड़े रमकलिया चानी, भीतरी में गुदा भराये वो
हमर समधिन चटक चंदैनी, कनिहा ल मटकाय वो
हमर समधिन चटक चंदैनी, कनिहा ल मटकाय वो

नदिया तीर के पटवा भाजी, पटपट पटपट करथे रे
नदिया तीर के पटवा भाजी, पटपट पटपट करथे रे
आये हे बरतिया मन हा, मटमट मटमट करथे रे
आये हे बरतिया मन हा, मटमट मटमट करथे रे

चटकत मटकत रेंगे समधिन, घेरीबेरी बिजरावय वो
चटकत मटकत रेंगे समधिन, घेरीबेरी बिजरावे वो
पाटी पारे मांग संवारे, कोई नई सहरावय वो
पाटी पारे मांग संवारे, कोई नई सहुंरावे वो

नदिया तीर के खोटनी भाजी, उलवा उलवा दिखथे रे
नदिया तीर के खोटनी भाजी, उलवा उलवा दिखथे रे
आये हे बरतिया मन हा, मुड़वा मुड़वा दिखथे रे
आये हे बरतिया मन हा, मुड़वा मुड़वा दिखथे रे

आंखी करे लिबिर लाबर, मुंहू हाबे करिया वो
आंखी करे लिबिर लाबर, मुंहू हाबे करिया वो
हमर समधिन मन हा, पहिरे हाबे फरिया वो
हमर समधिन मन हा, पहिरे हाबे फरिया वो

नदिया तीर के खोटनी भाजी, उलवा उलवा दिखथे रे
नदिया तीर के खोटनी भाजी, उलवा उलवा दिखथे रे
आये हे बरतिया मन हा, मुड़वा मुड़वा दिखथे रे
आये हे बरतिया मन हा, मुड़वा मुड़वा दिखथे रे

नदिया तीर के लुदवा मछरी, लूदलूद लूदलूद करथे वो
नदिया तीर के लुदवा मछरी, लूदलूद लूदलूद करथे वो
दुलहि नोनी के बहिनी मन हा, मुचमुच मुचमुच करथे वो
दुलहि नोनी के बहिनी मन हा, मुचमुच मुचमुच करथे वो

नदिया तीर के बांमी मछरी, सलमल सलमल करथे रे
नदिया तीर के बांमी मछरी, सलमल सलमल करथे रे
आये हे बरतिया मन हा, तलमल तलमल करथे रे
आये हे बरतिया मन हा, तलमल तलमल करथे रे

सुंदर हावन कहिके समधिन, हम-ला दियेव दगा वो
सुंदर हावन कहिके समधिन, हम-ला दियेव दगा वो
जालापाला मुंहू हावय, नोंहो हमर सगा वो
जालापाला मुंहू हावय, नोंहो हमर सगा वो

नदिया तीर में आये बरतिया, चिंगरी भूंज भूंज खाये रे
नदिया तीर में आये बरतिया, चिंगरी भूंज भूंज खाये रे
मेछा जरगे फोरा परगे, रायपुर काबर आये रे
मेछा जरगे फोरा परगे, रायपुर काबर आये रे

खीरा फरिस जोंधरा फरिस, फरिस हावे कुंदरू वो
खीरा फरिस जोंधरा फरिस, फरिस हावे कुंदरू वो
समधिन दारील हमुं नचाबो, गोड़ म बंधा के घुंघरू वो
समधिन दारील हमुं नचाबो, गोड़ म बंधा के घुंघरू वो

खोकसी धरि मोंगरी धरि, अउ धरि केंवई रे
खोकसी धरि मोंगरी धरि, अउ धरि केंवई रे
हमर समधिन मन हा, डरे हे लेवई रे
हमर समधिन मन हा, डरे हे लेवई रे

आमा आमा ल खाये समधिन, गोंही ल बचाये वो
आमा आमा ल खाये समधिन, गोंही ल बचाये वो
हमर मन बर खोर मा, सजरी बिछाये वो
हमर मन बर खोर मा, सजरी बिछाये वो

आमा जानी आमा जानी, डोंगरगढ़ के पानी रे
आमा जानी आमा जानी, डोंगरगढ़ के पानी रे
आये हे बरतिया मन हा, मारत हे फुटानी रे
आये हे बरतिया मन हा, मारत हे फुटानी रे

हउंला हउंला पानी लाने, कौवा ह जुठारे वो
हउंला हउंला पानी लाने, कौवा ह जुठारे वो
ठउका के बेरा में समधिन हा, बात ल बिगड़े वो
ठउका के बेरा में समधिन हा, बात ल बिगड़े वो

कांवर कांवर पानी लाने, कौवा ह जुठारे रे
कांवर कांवर पानी लाने, कौवा ह जुठारे रे
हमर समधि मन ला, डंडा मा सुधारे रे
हमर समधि मन ला, डंडा मा सुधारे रे

हरियर हरियर डोंगर दिखथे, पिंयर पिंयर बांस वो
हरियर हरियर डोंगर दिखथे, पिंयर पिंयर बांस वो
हमर समधिन छेना बिनत हे, नई लागे एला लाज वो
हमर समधिन छेना बिनत हे, नई लागे एला लाज वो

बने बने तोला जानेंव समधी, मड़वा में डारेंव बांस रे
बने बने तोला जानेंव समधी, मड़वा में डारेंव बांस रे
जालापाला लुगरा लानेंव, जरगे तुंहर नाक रे
जालापाला लुगरा लानेंव, जरगे तुंहर नाक रे

हे डमरू हावे दफड़ा हावे, ओला हम बजवाबो वो
डमरू हावे दफड़ा हावे, ओला हम बजवाबो वो
हमर समधिन ला, बजनिया संग नचवाबो वो
हमर समधिन ला, बजनिया संग नचवाबो वो

दार करे चांउर करे, लगिन ला धराये रे
दार करे चांउर करे, लगिन ला धराये रे
बेटा के बिहाव करे, बाजा ल डर्राये रे
बेटा के बिहाव करे, बाजा ल डर्राये रे


गायन शैली : ?
गीतकार : ?
रचना के वर्ष : ?
संगीतकार : ?
गायन : ममता चंद्राकर, मिथलेश साहू
एल्बम : ?
संस्‍था/लोककला मंच : ?

ममता चंद्राकर
ममता चंद्राकर

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …

5 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. Harihar Vaishnav
    जून 14, 2011 @ 10:44:37

    Bahut hii mahatwapuurn kaam kar rahe hain aap. Aabhaar.

    प्रतिक्रिया

  2. राहुल सिंह
    जून 14, 2011 @ 11:03:52

    ममता चंद्राकर जी के फोटो बढि़या हे, लेकिन वही फोटो हर बार, बिचार करिह.

    प्रतिक्रिया

  3. Champak Dhale
    जून 17, 2011 @ 11:23:26

    आपके पुराना छत्तीसगढी गीत संगीत बहुत अच्छा है, वो गीत संगीत में छत्तीसगढ के माटी के खुशबू है आपके पुराना गीत के सीडी बहुत कोशिश के बाद नहीं मिल रहा है

    प्रतिक्रिया

  4. DEEPESH AWASTHI
    जून 18, 2011 @ 13:57:34

    “FUL GAJRA …TOR BENI KE MAI FUL GAJRA ” GANA UPLABDH HOHI TA UPLOAD KAR DEHA

    प्रतिक्रिया

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