कउने नगर ले … Kaune Nagar Le

कामाख्या नगरी व डुंगराज्य नगर नामक प्राचिन नामो से विख्यात डोंगरगढ मे उपलब्ध खंडहरो एवं स्तंभो की रचना शैली के आधार पर शोधकर्ताओं ने इसे कलचुरी काल का एवं 12वीं-13वीं सदी के लगभग का पाया है। माँ बम्लेश्वरी देवी के मंदिर के लिये विख्यात डोंगरगढ एक ऎतिहासिक नगरी है। यहां माँ बम्लेश्वरी के दो मंदिर है। पहला एक हजार फीट पर स्थित है जो कि बडी बम्लेश्वरी के नाम से विख्यात है। मां बम्लेश्वरी के मंदिर मे प्रतिवर्ष नवरात्र के समय दो बार विराट मेला आयोजित किया जाता है जिसमे लाखो की संख्या मे दर्शनार्थी भाग लेते है। चारो ओर हरी-भरी पहाडियों,छोटे-बडे तालाबो एवं पश्चिम मे पनियाजोब जलाशय , उत्तर मे ढारा जलाशय तथा दक्षिण मे मडियान जलाशय से घिरा प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण स्थान है डोंगरगढ।

माँ बम्लेश्वरी, डोंगरगढ़

माँ बम्लेश्वरी आप सब की मनोकामनाएं पूर्ण करे…

 

कउने नगर ले खातू मंगाए हो कउन नगर गर बीजे हो माय
ओ मय्या कउन नगर गर बीजे हो माय

कउने नगर ले खातू मंगाए हो कउन नगर गर बीजे हो माय
ओ मय्या कउन नगर गर बीजे हो माय

अहा गढ़ हिंग्लाजे ले खातू मंगाए हो गढ़ नरहूर गर बीजे हो माय
ओ मय्या गढ़ नरहूर गर बीजे हो माय

कउने ह लाए मय्या खातू अउ माटी हो कउन ह लाए बा के बीजे हो माय
ओ मय्या कउने लाए बा के बीजे हो माय

अहो पंड़वा ह लाए मय्या खातू अउ माटी हो उही-मन लाए बा के बीजे हो माय
ओ मय्या उही-मन लाए बा के बीजे हो माय

कउने बनाये मय्या तोरे फुलवरिया कउन ह बोये बा के बीजे हो माय
ओ मय्या कउन ह बोये बा के बीजे हो माय

अहो लंगुरा बनाये मय्या तोरे फुलवरिया पंड़वा-मन बोये बा के बीजे हो माय
ओ मय्या पंड़वा-मन बोये बा के बीजे हो माय

काहिन के मय्या कलसा बनाये हो काहे के दियना जलाए हो माय
ओ मय्या काहे के दियना जलाए हो माय

अहो दामी के मय्या कलसा बनाये हो सुरहिन घीव के दियना जलाए हो माय
ओ मय्या सुरहिन घीव के दियना जलाए हो माय

कउन चघे हे नवरात हो मय्या कउने करे हे रखवारे हो माय
ओ मय्या कउने करे हे रखवारे हो माय

अहो पंड़वा चघे हे नवरात हो मय्या मोर लंगुर करे हे रखवारे हो माय
ओ मय्या लंगुर करे हे रखवारे हो माय

अहो तोरे सरन मा हम आये-हन मय्या मोर बेड़ा लगा देबे पारे हो माय
ओ मय्या बेड़ा लगा देबे पारे हो माय
ओ मय्या बेड़ा लगा देबे पारे हो माय
ओ मय्या बेड़ा लगा देबे पारे हो माय


गायन शैली : ?
गीतकार : ?
रचना के वर्ष : ?
संगीतकार : ?
गायन : ममता चंद्राकर
एल्बम : जंवारा गीत (के.के.कैसेट)
संस्‍था/लोककला मंच : ?

साभार : के.के.कैसेट

ममता चंद्राकर
ममता चंद्राकर

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …

17 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. vitendra
    सितम्बर 28, 2011 @ 12:34:51

    mata shailputi la johaar bahut hi badhiya gana have sabo la namskaar

    प्रतिक्रिया

  2. hsonline
    सितम्बर 28, 2011 @ 15:54:47

    नवरात्रि की शुभकामनाएं| इस गीत के लिए धन्यवाद!

    हितेन्द्र

    प्रतिक्रिया

  3. धन्नू chhatttisgariya
    सितम्बर 29, 2011 @ 14:37:56

    maja a ge jas geet sn ke…bad suugghar gae he mamata ji ha

    प्रतिक्रिया

  4. धन्नू chhatttisgariya
    सितम्बर 29, 2011 @ 14:41:22

    sabbo chhattisgariya man la navratri ke gada gada badhai………
    durga dai ha sabbo jhan ke jeevan aanand au mangal devay..

    प्रतिक्रिया

  5. Harihar Vaishnav
    अक्टूबर 01, 2011 @ 22:04:21

    Jai maateshwari.

    प्रतिक्रिया

  6. Anil Dhruw
    अक्टूबर 02, 2011 @ 19:08:48

    चंद्राकर सर इसका डाउनलोड लिंक किसी दूसरे गाने ( बर तरी खड़े हे बरतिया ) का है आप इसे एक बार चेक करे

    प्रतिक्रिया

  7. BALRAM SONWANI-9907758042
    अक्टूबर 31, 2011 @ 00:20:00

    thanksh this songs

    प्रतिक्रिया

  8. Ritesh Gangber
    फरवरी 16, 2012 @ 14:25:59

    nice colle..,

    प्रतिक्रिया

  9. virendra dalli rajhara
    नवम्बर 03, 2012 @ 23:54:18

    bahut accha prayas hi lok gatha ko jivit rakhane ka varana aj ka yug to……………………………

    प्रतिक्रिया

  10. मोहन वर्मा
    अप्रैल 17, 2013 @ 16:25:40

    maja a ge jas geet sn ke…bad suugghar

    प्रतिक्रिया

  11. PANKAJ SAHU
    सितम्बर 27, 2013 @ 12:34:19

    MUJHE SITE BANANA H JAI MATA DI…………….

    प्रतिक्रिया

  12. rameshkumar singh chauhan
    जुलाई 29, 2014 @ 12:55:30

    घात सुघ्घर

    प्रतिक्रिया

  13. yashwant kumar
    अगस्त 18, 2014 @ 14:05:11

    चंद्राकर सर यह गाना मुझे बहुत पसंद आया इस अलबम का पुरा गाना डालिये न !

    प्रतिक्रिया

  14. basant kumar verma
    सितम्बर 15, 2014 @ 17:43:22

    best song

    प्रतिक्रिया

  15. Resham Lal Yadav
    फरवरी 28, 2015 @ 03:47:36

    mata rani ki jai
    mamta chandrakar didi l tabhe bolthe g k ye hr chhattisgarh k koyali ye kahike bolhi kabar nhi awaje oisane he haway hamr didi k
    jai mata ki jaikara sherawali da….

    प्रतिक्रिया

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