देव बस्तर ल काबर छोड़े … Dev Bastar La Kabar Chhode

बस्तर की आराध्या देवी माँ दंतेश्वरी की पावन नगरी दंतेवाड़ा है। यह डंकिनी-शंखिनी नदी के संगम पर स्थित है। यह जगदलपुर से 85 किमी. की दूरी पर स्थित है। इसका निर्माण रानी भाग्येश्वरी देवी द्वारा कराया गया था। पुरातात्विक महत्व के इस मन्दिर में मॉ दन्तेश्वरी के दर्शन के लिये भक्तों को सात दरवाजों से होकर गुजरना पड़ता है। माता के दर्शनार्थी युवकों को धोती पहनना अनिवार्य होता है। धोती की व्यवस्था मन्दिर में ही रहती है।

दन्तेवाड़ा में भैरव बाबा का एक प्रमुख मन्दिरशंखिनी नदी के दूसरे तट पर स्थित है। संगम स्थल पर एक विशाल शिलाखण्ड में एक पद चिह्न माना जाता है। दंतेश्वरी मन्दिर के पास ही आदिवासी समाज के प्रमुख देव भीमा देव जो कि अकाल और बाढ़ से बचाने वाले माने गये हैं। उनकी विशेष प्रतिमा स्थित है।

माँ दंतेश्वरी, दन्तेवाड़ा

माँ दंतेश्वरी आप सब की मनोकामनाएं पूर्ण करे…

 

देव बस्तर ल काबर छोड़े, तैं छोड़े हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माँ
देव बस्तर ल काबर छोड़े, तैं छोड़े हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माँ
देव बस्तर ला काबर छोड़े, तैं छोड़े हो मैय्या
देव बस्तर ला काबर छोड़े हो माँ (समूह-गान)
देव बस्तर ला काबर छोड़े, तैं छोड़े हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माँ
देव बस्तर ला काबर छोड़े, तैं छोड़े हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माँ (समूह-गान)

देव बस्तर मा मैय्या अहिर बालकवा
देव बस्तर मा मैय्या अहिर बालकवा (समूह-गान)
अहिर बालकवा हो मैय्या, अहिर बालकवा
अहिर बालकवा हो मैय्या, अहिर बालकवा (समूह-गान)
अरे नित उठ दुध चढ़ावे, चढ़ावे हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय
देव बस्तर ला काबर छोड़े, तैं छोड़े हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय (समूह-गान)

देव बस्तर मा मैय्या माली बालकवा
देव बस्तर मा मैय्या माली बालकवा (समूह-गान)
माली बालकवा हो मैय्या, माली बालकवा
माली बालकवा हो मैय्या, माली बालकवा (समूह-गान)
अरे नित उठ फूल चढ़ावे, चढ़ावे हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय
देव बस्तर ला काबर छोड़े, तैं छोड़े हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय (समूह-गान)

देव बस्तर मा मैय्या पनिका बालकवा
देव बस्तर मा मैय्या पनिका बालकवा (समूह-गान)
पनिका बालकवा हो मैय्या, पनिका बालकवा
पनिका बालकवा हो मैय्या, पनिका बालकवा (समूह-गान)
अरे नित उठ धोती चढ़ावे, चढ़ावे हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय
देव बस्तर ला काबर छोड़े, तैं छोड़े हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय (समूह-गान)

अरे देव बस्तर में मैय्या बाम्हन बालकवा
देव बस्तर मा मैय्या बाम्हन बालकवा (समूह-गान)
बाम्हन बालकवा हो मैय्या, बाम्हन बालकवा
बाम्हन बालकवा हो मैय्या, बाम्हन बालकवा (समूह-गान)
अरे नित उठ घंटा बजावे, बजावे हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय
देव बस्तर ला काबर छोड़े, तैं छोड़े हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय (समूह-गान)

देव बस्तर मा मैय्या बईगा बालकवा
देव बस्तर मा मैय्या बईगा बालकवा (समूह-गान)
बईगा बालकवा हो मैय्या, बईगा बालकवा
बईगा बालकवा हो मैय्या, बईगा बालकवा (समूह-गान)
अरे नित उठ धुप चढ़ावे, चढ़ावे हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय
देव बस्तर ला काबर छोड़े, तैं छोड़े हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय (समूह-गान)

अरे पांच भगत मिल तोरे जस गावे
पांच भगत मिल तोरे जस गावे (समूह-गान)
तोरे जस गावे हो मैय्या, तोरे जस गावे
तोरे जस गावे हो मैय्या, तोरे जस गावे (समूह-गान)
अरे जय जय करत हे तुम्हारे, तुम्हारे हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय
देव बस्तर ला काबर छोड़े, तैं छोड़े हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय (समूह-गान)

अरे देव बस्तर ल काबर छोड़े, तैं छोड़े हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय
देव बस्तर ल काबर छोड़े, तैं छोड़े हो मैय्या
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय (समूह-गान)
अरे देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय (समूह-गान)
अरे देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय
देव बस्तर ल काबर छोड़े हो माय (समूह-गान)


गायन शैली : ?
गीतकार : ?
रचना के वर्ष : ?
संगीतकार : ?
गायन : मिथलेश साहु अउ साथी
एल्बम : जंवारा गीत (के.के.कैसेट)
संस्‍था/लोककला मंच : ?

साभार : के.के.कैसेट

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …

17 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. राहुल सिंह
    सितम्बर 30, 2011 @ 08:07:06

    देव बिराजे बस्‍तर मं.

    प्रतिक्रिया

  2. Hitendra Kumar Shrivas
    सितम्बर 30, 2011 @ 19:05:09

    thanks

    प्रतिक्रिया

  3. Devendra verma
    अक्टूबर 01, 2011 @ 05:21:40

    bahut bahut dhnyawad. essan badhiya jas geet sun ke man la bahut achha lagis

    प्रतिक्रिया

  4. mukesh chaturvedi
    अक्टूबर 01, 2011 @ 12:58:39

    Ma danteshwari ki sewa bahut hi badiya laga

    प्रतिक्रिया

  5. एमन दास मानिकपुरी
    अक्टूबर 01, 2011 @ 15:08:09

    भैया ये गीत आपके पास उपलब्ध होही त जरुर सुनाय के कृपा करहु
    “मै तो जाहव हिंगलाज, मै तो जाहव हिंगलाज,
    नरियर मंग्वादे गड़ गड़ हुल के ,,
    माता सुन ले मोर बात, पिता सुन ले मोर बात
    नरियर मंग्वादे गड़ गड़ हुल के,, “

    प्रतिक्रिया

  6. Harihar Vaishnav
    अक्टूबर 01, 2011 @ 22:01:20

    ise ham tak pahunchaane ke liye aabhaar.

    प्रतिक्रिया

  7. tarkeshwar sinha
    जनवरी 06, 2012 @ 16:10:58

    aap logo ko bahut bahut Dhanywaad kyoki aaj kal aise geet sunne ko bahut kam milte hai

    प्रतिक्रिया

  8. Anu sahu
    जनवरी 05, 2014 @ 13:06:10

    mai ke sughar mahima bakhan kre ber aap man la dhanyawad

    प्रतिक्रिया

  9. नरेन्द्र कुमार साहू
    फरवरी 13, 2014 @ 14:44:17

    छत्तीसगढ़ी गीत संगी के माध्यम ले सुंदर सुंदर गीत ल सुन पढ़ के मन गद गद हो जाथे ,येकर सेती घनयाबाद हे ,

    प्रतिक्रिया

  10. ghanashyam yadu
    जनवरी 31, 2015 @ 17:40:38

    बड़ निख लागिस

    प्रतिक्रिया

  11. Chhaliya Ram Sahani 'ANGRA'
    फरवरी 03, 2015 @ 15:22:31

    Jas geet har jati ke log apne apne dhang se manate aur gate hai is geet me bhi vibhinna jati ke logo dwarapujan vidhi ka bada hi marmik varn hai.Dev bastar la kaber chhode? is prashana ka kripya uttar denge.?

    प्रतिक्रिया

  12. kashiram sahu bhilai
    सितम्बर 20, 2015 @ 19:31:02

    MATA JASGEET JAWARA PACHARA L GHALO SUNAO ACHHALAGHI BAHUT ACHHA LAGIS JAICHHASTTISGARH

    प्रतिक्रिया

  13. खिलेश कुमार साहू रानीगॉव नगरी
    अप्रैल 09, 2016 @ 15:24:08

    बहूत ही प्यारा जस गीत है ,जिसे मिथलेश जी ने अपने सुरिले कंठ से उतार कर हम सब के सामने रखा..

    प्रतिक्रिया

  14. kamal
    जून 26, 2016 @ 22:48:49

    भरीभरी अच्छा हे जी बचपन सुरता आगे।

    प्रतिक्रिया

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