लुवे ल जाबो धान … Luve La Jabo Dhan

लुवे ल जाबो धान

हो~हो~हो हो
हो~हो~हो~
हो~हो~हो हो
हो~हो~हो~
हो~हो~हो हो
हो~हो~हो~
हो~हो~हो हो
हो~हो~हो~

लुवे ल जाबो धान संगी, लुवे ल जाबो धान
लुवे ल जाबो धान संगी, लुवे ल जाबो धान (कोरस)
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान (कोरस)
उठ झटकुन बेरा झनकर होगे ग बिहान
उठ झटकुन बेरा झनकर होगे ग बिहान (कोरस)
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान (कोरस)
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान (कोरस)

लाला~लाला~लाला~लाला
लाला~लाला~लाला~लाला ला
लाला~लाला~लाला~लाला
लाला~लाला~लाला~लाला ला

देख तो धानें ल हमर कइसे लहरावत हे
देख तो धानें ल हमर कइसे लहरावत हे (कोरस)
सोने के लुगरा पहिरे धरती मुसकावत हे
सोने के लुगरा पहिरे धरती मुसकावत हे (कोरस)
अन्न परमेसरी ये ह-मन ल
अन्न परमेसरी ये ह-मन ल, देथे ग जीवन दान

(कोरस)
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान
उठ झटकुन बेरा झनकर होगे ग बिहान
उठ झटकुन बेरा झनकर होगे ग बिहान
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान

हूं~हूं~हूं~हूं
हूं~हूं~हूं~हूं हूं
हूं~हूं~हूं~हूं
हूं~हूं~हूं~हूं हूं

दिन-भर कमा के सांझे घर आबो गा
दिन-भर कमा के सांझे घर आबो गा (कोरस)
सब अपन मेहनत के अपन फल ल पाबो गा
सब अपन मेहनत के अपन फल ल पाबो गा (कोरस)
तभे तो कहबो ह-मन
तभे तो कहबो ह-मन भारत के किसान

(कोरस)
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान
उठ झटकुन बेरा झनकर होगे ग बिहान
उठ झटकुन बेरा झनकर होगे ग बिहान
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान
चल भाई रे हम खेत म अपन, लुवे ल जाबो धान


गायन शैली : ?
गीतकार : ?
रचना के वर्ष : ?
संगीतकार : केदार यादव
गायन : केदार यादव अउ साथी
संस्‍था/लोककला मंच : नवा बिहान

स्व.केदार यादव
स्व.केदार यादव

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …

6 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. bolbastarbol2011
    अक्टूबर 29, 2011 @ 11:47:13

    Sugghar geet au sangeet. Aabhaar.

    प्रतिक्रिया

  2. Harihar Vaishnav
    अक्टूबर 29, 2011 @ 11:48:28

    Bane geet au sangeet. Aabhaar.

    प्रतिक्रिया

  3. ramakant
    नवम्बर 10, 2011 @ 07:27:40

    गीत अच्छा लगीस ।

    प्रतिक्रिया

  4. Keshari datan 9575616161
    अक्टूबर 28, 2012 @ 12:27:18

    kishan bhai man bar badiya he

    प्रतिक्रिया

  5. bhupendra verma (SONAR DEVARI, PALARI)
    नवम्बर 07, 2012 @ 17:00:00

    bahut achchha geet havay. man la gadgad kar dis

    प्रतिक्रिया

  6. Chhaliya Ram Sahani 'ANGRA'
    दिसम्बर 06, 2014 @ 14:10:35

    chhattisgarh ke kisan ke mehanat ke phal he Dhan jingi la postheaukisan sabke bhag la jagathe..

    प्रतिक्रिया

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