मोर जतन करो रे … Mor Jatan Karo Re

मोर जतन करो रे

जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे
हो~
जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे

मोर जतन करो रे~~ हो~~
मोर जतन करो रे~~
मैं माटी महतारी अंव
दुःख सुख के संग देवईया संगवारी अंव
संगवारी अंव
मोर जतन करो रे~~ हो~~

जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे
हो~
जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे

तुंहर अंगना मा थाड़े
जनम के भूख पियासे
अपन तन के पसीना ला दे-दव
मोर मन गदगद हाँसे
तुंहर हंड़ा के बसनी मैं
तुंहर हंड़ा के बसनी मैं
सरग के दुवारी अंव
मैं माटी महतारी अंव
मोर जतन करो रे~~ हो~~

जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे
हो~
जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे

अपन आंखी के आंसू ला
तुमन मोला दे-दव
मोर होंठ के हाँसी ला
तुमन चुप्पे ले-लव
तुंहर आंखी के सपना मैं
तुंहर आंखी के सपना मैं
सोनहा थारी अंव
मैं माटी महतारी अंव
मोर जतन करो रे~~ हो~~

जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे
हो~
जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे

तुंहर सपना के करम के डार
म फुलगे फुलवारी
काबर काकरो आगू म
हाथ लमाये पड़ही
देवारी के दिया मैं
देवारी के दिया मैं
फागुन के पिचकारी अंव
मैं माटी महतारी अंव
मोर जतन करो रे~~ हो~~

जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे
हो~
जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे

मोर जतन करो रे~~ हो~~
मोर जतन करो रे~~
मैं माटी महतारी अंव
दुःख सुख के संग देवईया संगवारी अंव
संगवारी अंव
मोर जतन करो रे~~ हो~~

जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे
हो~
जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे
जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे


गायन शैली : ?
गीतकार : ?
रचना के वर्ष : ?
संगीतकार : ?
गायन : लता खापर्डे

साभार : धुरवा राम मरकाम

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …

35 टिप्पणियाँ (+add yours?)

  1. shashi
    फरवरी 06, 2012 @ 15:44:14

    जतन करव धरती के संगी जतन करव रे
    जतन करव भुइयां के संगी जतन करव रे

    प्रतिक्रिया

  2. Saralhindi
    फरवरी 06, 2012 @ 21:50:47

    Very good voice and music.
    Do Hindi speakers understand this?
    Why not write this Lok geet in Chhatisgadhi Lipi?

    प्रतिक्रिया

  3. Aryan
    फरवरी 09, 2012 @ 09:54:31

    Kya . Loke geet hai. I like it

    प्रतिक्रिया

  4. Khills Baghel
    फरवरी 10, 2012 @ 16:02:24

    mazza aage bhaiya…………………..

    प्रतिक्रिया

  5. Raju baghel
    फरवरी 10, 2012 @ 16:12:03

    best song ……

    प्रतिक्रिया

  6. Sunil Choubey
    फरवरी 10, 2012 @ 19:10:23

    bahut acha lagish sangi

    प्रतिक्रिया

  7. Sunil patel
    फरवरी 10, 2012 @ 20:24:04

    Bane lagis he.

    प्रतिक्रिया

  8. Dalesh Kumar Sahu
    फरवरी 10, 2012 @ 23:11:12

    best song……………

    प्रतिक्रिया

  9. Jaiditya singh
    फरवरी 15, 2012 @ 13:38:46

    Thank you sir for this song aapne meri farmaaish poori kar di thanx again and again it is lovely song

    प्रतिक्रिया

  10. vitendra panigrahi
    फरवरी 16, 2012 @ 12:41:01

    http://www.facebook.com/groups/101601949915959/#!/groups/101601949915959/

    ये हल्बी कहानी १९१७ में अंग्रेजों द्वारा रिकॉर्ड की गयी थी . छत्तीसगढ़ी गीत संगी के सभी साथी बंधू जरूर सुने , देखें .

    प्रतिक्रिया

  11. vitendra panigrahi
    फरवरी 16, 2012 @ 12:48:24

    ये हल्बी कहानी १९१७ में अंग्रेजों द्वारा रिकॉर्ड की गयी थी . छत्तीसगढ़ी गीत संगी के सभी साथी बंधू जरूर सुने , देखें .

    प्रतिक्रिया

  12. C. R. Dindore
    फरवरी 25, 2012 @ 05:41:05

    Khub sughar auo nick lagis have tuhar awaj auo git sangit la sun ke

    प्रतिक्रिया

  13. सीताराम सेन
    अप्रैल 08, 2012 @ 20:41:51

    मोला अङबङ अच्छा लागिस

    प्रतिक्रिया

  14. Devpatel
    अप्रैल 20, 2012 @ 19:24:20

    Mola ye gaana bahut badiha lagthe

    प्रतिक्रिया

  15. Devpatel
    जून 08, 2012 @ 20:20:19

    super yaar….

    प्रतिक्रिया

  16. ashutosh sahu
    जुलाई 12, 2012 @ 08:25:05

    aapaka ye prayas chhattisgarhi lok giton ko sangrahit karane ke liye hamesha yad rakha jayega. aapaka dhanyawad.

    प्रतिक्रिया

  17. Rajesh HEMAGYA
    मई 08, 2013 @ 11:25:59

    “Fer hamaro duwari ke gonda ful har,kono gulab le kam naiye”.36 garhi lok sanskrit ko sahej kar jinda rakhane ke liye DhanyaWaad ga…………

    प्रतिक्रिया

  18. mahesh dhurwey
    मई 13, 2013 @ 12:01:57

    tan man ma bhidge ye geet .bahut sunder lagis

    प्रतिक्रिया

  19. manohar das mersa
    जून 28, 2013 @ 19:43:33

    aapaka ye prayas chhattisgarhi lok giton ko sangrahit karane ke liye hamesha yad rakha jayega. aapaka dhanyawad.
    tan man ma bhidge ye geet .bahut sunder lagis

    प्रतिक्रिया

  20. K.SANJAY KUMAR SONWANI
    अगस्त 22, 2013 @ 19:14:16

    Very good I like it

    प्रतिक्रिया

  21. praveen kumar kurre
    दिसम्बर 17, 2013 @ 15:06:56

    chal sangi devata la manbo
    ye kakar rachana ye mola jankari nai lekin yadi farmaishissh puqra kar doohu ta

    प्रतिक्रिया

  22. Chhandaksahu
    फरवरी 21, 2014 @ 14:40:23

    धन्यवाद भैया

    प्रतिक्रिया

  23. Chhandaksahu
    फरवरी 21, 2014 @ 14:46:59

    दिल गदगद होगे

    प्रतिक्रिया

  24. Chhandaksahu
    फरवरी 21, 2014 @ 14:50:33

    मन गदगद होगे

    प्रतिक्रिया

  25. Khilesh nirmalkar VILL. MIRCHE(CHILHATI) A.CHOWKI RAJNANDGAON CG PIN NO 491668 CONT.NO 9981912690
    अप्रैल 06, 2014 @ 11:14:22

    आपके गीत म देश भक्ति के लहर हे हमर मन मा देश के मया जगायेव तेकर बर धन्यवाद

    प्रतिक्रिया

  26. Sudarshan Rajput
    जून 15, 2014 @ 13:49:05

    Ye gana la sune ke baad to sabo dukh-pira ha bisra jaathe. …
    Au man ha gad-gad Ho jathe. …

    प्रतिक्रिया

  27. H.D.Manikpuri
    अगस्त 06, 2014 @ 21:43:46

    This is Ever green Son, I Like it

    प्रतिक्रिया

  28. chhaliyaramsahani 'ANGRA'
    फरवरी 24, 2015 @ 14:07:08

    Dai ke sewa au dharati mata ke sewa dono barabar he . Dharati ke sewa me hi sab ke pet bharathe .

    प्रतिक्रिया

  29. roman
    जुलाई 12, 2015 @ 06:24:00

    i like this site

    प्रतिक्रिया

  30. kashiramsahu bhilai durg {cg}
    नवम्बर 22, 2015 @ 19:40:37

    ye geet tan man dhan se kkhetikarake dharati l lsarg banay ke prerana dethe

    प्रतिक्रिया

  31. k r sahu
    फरवरी 29, 2016 @ 21:32:42

    wastav me ye dharti dukh sukh me sangdeviya sangvaree he bahut sugghar

    प्रतिक्रिया

  32. K R Sahu BHILAINAGAR
    जून 21, 2016 @ 18:33:44

    Bahut sugghar lagis Jawan sangawari man l khetikisani bar jarur preranadayak he

    प्रतिक्रिया

  33. sitaram yadav
    जून 23, 2016 @ 09:10:00

    ye geet mati ke mahima la batathe

    प्रतिक्रिया

  34. ghanshyam baghel
    सितम्बर 05, 2016 @ 14:06:35

    supur gana he cg ke

    प्रतिक्रिया

  35. HARISH KURREY
    नवम्बर 05, 2016 @ 21:08:41

    बनेच बढ़िया लागिस

    प्रतिक्रिया

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