संजीव तिवारी

 

संजीव तिवारी

संजीव तिवारी

जन्म : जनवरी 1968, खम्हरिया

माता : स्‍व.श्रीमति शैल तिवारी

पिता : स्‍व.श्री आर.एस.तिवारी

शिक्षा : एम.काम., एल.एल.बी.

सम्प्रति : वर्तमान में हिमालया ग्रुप, भिलाई में विधिक सलाहकार.

पता : ग्राम खम्‍हरिया (सिमगा के पास), पोस्‍ट रांका, तहसील बेरला, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़

लेखन प्रकाशन : विभिन्‍न पत्र पत्रिकाओं में 1993 से कविता, लेख, कहानी व कला-संस्‍कृति पर आधारित आलेख प्रकाशित ।

संपादन : छत्‍तीसगढ़ी भाषा की आनलाईन पत्रिका गुरतुर गोठ डाट काम (http://gurturgoth.com)   का विगत 2008 से प्रकाशन व संचालन ।

ब्‍लाग लेखन : छत्‍तीसगढ पर केन्द्रित हिन्‍दी ब्‍लाग ‘आरंभ’ (www.aarambha.blogspot.com)   का संचालन। हिन्‍दी इंटरनेटी व ब्‍लॉग तकनीक पर निरंतर लेखन। छत्‍तीसगढ़ के कला-साहित्‍य व संस्‍कृति को नेट प्‍लेटफार्म देकर सर्वसुलभ बनाने हेतु निरंतर प्रयासरत।

सम्‍मान/पुरस्‍कार : राष्‍ट्रभाषा अलंकरण, छत्‍तीसगढ़ राष्‍ट्र भाषा प्रचार समिति। वर्ष के सर्वश्रेष्‍ठ क्षेत्रीय लेखक, परिकल्‍पना सम्‍मान – 2010 ।   रवि रतलामी जी के छत्‍तीसगढ़ी आपरेटिंग सिस्‍टम में सहयोग (इस आपरेटिंग सिस्‍टम को दक्षिण एशिया का प्रसिद्ध मंथन पुरस्‍कार प्राप्‍त हुआ)

वर्तमान पता : ए-40, खण्‍डेलवाल कालोनी, दुर्ग, छत्तीसगढ़

ईमेल : tiwari.sanjeeva@gmail.com

प्रोफाईल : गूगल # फेसबुक # ट्विटर

 

छत्तीसगढ़ी गीत संगी में आपके आलेख

का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल … Ka Tain Mola Mohani Dar Diye Gonda Phul

 

 

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