सुन सुन मोर मया पीरा के संगवारी रे … Sun Sun Mor Maya Pira Ke Sangwari Re

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के दस वर्ष पूरे होने के अवसर पर दूसरी छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘घर द्वार’ के निर्माता ‘स्व.विजय कुमार पाण्डेय’ के सुपुत्र और ‘घर द्वार कला संघ’ के निर्देशक श्री जयप्रकाश पाण्डेय से हमें आप तक पहुँचाने के लिए ‘घर द्वार’ फिल्म के गानों का MP3 ऑडियो फाइल और फोटोग्राफ प्राप्त हुआ है। जिसे आज से एक श्रृंखला के रूप में एक-एक करके आपको सुनाएगें …

जयप्रकाश पाण्डेय
जयप्रकाश पाण्डेय
पता : विजयबाड़ा, भनपुरी, रायपुर (छ.ग.), जे.के.फिल्मस्, रायपुर
मोबाइल : 9826108303, 9300008303

 

साहित्य, कला और संस्कृति की तरह फिल्मों को भी समाज का दर्पण कहा जाता है और यदि बात क्षेत्रीय फिल्मों की हो तो उसमें उस प्रदेश की माटी की खूशबू बसी होती है। यदि छत्तीसगढ़ी फिल्मों के इतिहास पर नजर दौड़ाएं तो इसका आरंभिक दौर काफी समृद्ध रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य दस वर्ष पूर्व बना मगर छत्तीसगढ़ी फिल्मों का सफर चार दशक पूर्व प्रारंभ हो गया था।

घर द्वार

स्व.विजय कुमार पाण्डेय
स्व.विजय कुमार पाण्डेय

छत्तीसगढ़ की अस्मिता के लिए संघर्ष करने वाले भावना प्रधान और फिल्मों के जबरदस्त शौक़ीन स्व.विजय कुमार पाण्डेय ने ‘छत्तीसगढ़ के टूटते परिवार की कहानी’ को लेकर सन् 1965 में ‘घर द्वार’ बनाने का संकल्प लिया था। स्व.विजय कुमार पाण्डेय का जन्म 23 दिसम्बर 1944 को भनपुरी के मालगुजार स्व.विक्रमादित्य पाण्डेय के घर हुआ था। उस समय भनपुरी को रायपुर से लगा गाँव माना जाता था। अब तो यह रायपुर की सीमा में शामिल हो गया है। स्व.विजय पाण्डेय ‘घर द्वार’ बनाने मुम्बई (उस समय बम्बई हुआ करती थी) से पूरी टीम लेकर छत्तीसगढ़ आए। मुम्बई के नामचीन कलाकारों कानन मोहन, रंजीता ठाकुर एवं दुलारी ने ‘घर द्वार’ में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई। छत्तीसगढ़ के कलाकारों जफर अली फरिश्ता, बल्लू रिजवी, बसंत दीवान, श्रीमती नीलू मेघ, भगवती दीक्षित, भास्कर काठोटे, श्रीराम कालेले, यशवंत गोविंद जोगलेकर, रामकुमार तिवारी, परवीन नील अहमद, ठाकुर दास आहूजा एवं शिवकुमार दीपक ने भी ‘घर द्वार’ में अहम् भूमिकाएं अदा की। फिल्म 35 एम एम श्वेत-श्याम (ब्लेक एण्ड व्हाईट) रिलीज हुई थी।

घर द्वार

गीत छत्तीसगढ़ के जाने-माने साहित्यकार हरि ठाकुर ने लिखा । हिंदी फिल्मों के जाने-माने संगीतकार जमाल सेन ने संगीत दिया । फिल्म का निर्देशन निरंजन तिवारी ने किया । निरंजन तिवारी मूलतः छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे । बाद में मुम्बई जा बसे थे । ‘घर द्वार’ की शूटिंग सराईपाली राजमहल, बसना, रायपुर के जयस्तंभ चौक, महादेव घाट समते और भी कई स्थानों पर हुई । गीतों की रिकार्डिंग मुम्बई में हुई । हिंदी फिल्मों के जाने-माने गायक मोहम्मद रफी एवं गायिका सुमन कल्याणपुर ने ‘घर द्वार’ के गीतों के लिए अपनी आवाजें दीं । ‘घर द्वार’ के गीत ‘सुन-सुन मोर मया पीरा के संगवारी रे…’, ‘गोंदा फुलगे मोर राजा…’ एवं ‘झन मारो गुलेल…’ आज भी लोगों की जुबान पर चढ़े हुए हैं।

घर द्वार

घर द्वार

घर द्वार

‘घर द्वार’ के बाद विजय पाण्डेय हिंदी फिल्म ‘मेहँदी वाले हाथ’ का निर्माण करने जा रहे थे। इस फिल्म का मुहूर्त भी हो चूका था। 11 मार्च 1987 को अभनपुर के पास एक सड़क हादसे में विजय पाण्डेय का निधन हो गया और उनकी दूसरी फिल्म बनते-बनते रह गई। छत्तीसगढ़ी सिनेमा की बुनियाद रखने वालों में स्व.विजय कुमार पाण्डेय का नाम शुमार है।

छत्तीसगढ़ के कला पुत्र स्व.विजय कुमार पाण्डेय को भावभीनी श्रद्धांजलि…

 

आज के गीत का लिप्यांतरण श्री मोहम्मद जाकिर हुसैन जी ने किया है|

पेश है आज का गीत …

सुन सुन मोर मया~ पीरा के संगवारी रे~~~
आजा नैना ती~र आजा रे~~
आजा नैना ती~र आजा रे~~
सुन सुन मोर मया~ पीरा के संगवारी रे~~~
आजा नैना ती~र, आजा रे~~
होए आजा नैना ती~र आजा रे~~
(आ~जा~ रे~~)

मैना तहीं मोर मैना~~ मैना तहीं मोर मैना
के तोर बिन खाली जिंदगी के पिंजरा
के तोर बिन खाली जिंदगी के पिंजरा~आ~आ~आ
मोर सपना~ के~ सुन्ना~ हे फुलवारी रे~~
आजा मनके तीर~~ आजा रे~~~
(आ~जा~ रे~~)

राजा तहीं मोर राजा~~~ राजा तहीं मोर राजा
बना के तोला आंखी में लगा लेंव कजरा
बना के तोला आंखी में लगा लेंव कजरा~आ~आ~आ
मैं~ तो बनें~ हंव राधा, तैं बनवारी रे~~
आजा जमुना तीर~~ आजा रे~~
(आ~जा~ रे~~)

रानी तहीं मोर रानी~~~ रानी तहीं मोर रानी
कि प्रीत के दिया मा झन छाए बदरा
कि प्रीत के दिया मा झन छाए बदरा~आ~आ~आ
नित भर रस पिचका~री रे, संगवारी रे~~
आजा जियरा तीर~~ आजा रे~~
आजा जियरा तीर~~ आजा रे~~
सुन सुन मोर मया~ पीरा के संगवारी रे~~
आजा नैना तीर~~ आजा रे


गायन शैली : ?
गीतकार : हरि ठाकुर
रचना के वर्ष : 1965-68
संगीतकार : जमाल सेन
गायन : मोहम्मद रफी, सुमन कल्याणपुर
निर्माता : विजय कुमार पाण्डेय
फिल्म : घर द्वार
फिल्म रिलीज : 1971
संस्‍था : जे.के.फिल्मस्, रायपुर

‘घर द्वार’ फिल्म के अन्य गीत
गोंदा फुलगे मोरे राजा … Gonda Phoolege More Raja
झन मारो गुलेल … Jhan Maro Gulel
आज अध-रतिहा मोर फूल बगिया मा … Aaj Adh-ratiha Mor Phool Bagiyaa Ma
जउन भुईयाँ खेले … Jaun Bhuiayan Khele

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

 

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …

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