मोला जान देना रे अलबेला मोर … Mola Jan Dena Re Albela Mor

मोला जान देना रे सनानना मोर
अतेक बेरा होगे मोला जान देना

मोला जान देना रे अलबेला मोर
दाई मोला गारी दिही जान देना

हा हा मोला जावन देना रे अलबेली मोर
अतेक बेरा होगे मोला जान देना

मोला जान देना रे अलबेला मोर
दाई मोला गारी दिही जान देना

हो~ नई जावंव मैं हा अपन मन-के या
अपन मन-के~
नई जावंव में-हा अपन मन-के या
अपन मन-के~

सुने ला परही मोला जन-जन के~
सनानना मोर
अबड़ बेरा होगे मोला जान देना

मोला जान देना रे अलबेला मोर
दाई मोला गारी दिही जान देना

हो~ चंदा रे उवे सुरुज लाली का या
सुरुज लाली का~
चंदा रे उवे सुरुज लाली का या
सुरुज लाली का~

चिंता ला झन करबे आवत हंव काली रे
सनानना मोर
अतेक बेरा होगे मोला जान देना

मोला जान देना रे अलबेला मोर
दाई मोला गारी दिही जान देना

हो~ उत्‍ती के पानी रे बुड़ती के घांम
अरे बुड़ती के घांम~
उत्‍ती के पानी रे बुड़ती के घांम
बुड़ती के घांम~

जोगी गुफा मेंहा रई-थंव बैतल हे मोर नाम
सनानना मोर
अबड़ बेरा होगे मोला जान देना

मोला जान देना रे अलबेला मोर
दाई मोला गारी दिही जान देना

आहा मोला जावन देना रे अलबेली मोर
अतेक बेरा होगे मोला जान देना

मोला जान देना रे अलबेला मोर
दाई मोला गारी दिही जान देना

आहा
ला~ला~ला~
ला~ला~
ला~


गायन शैली : ?
गीतकार : ?
रचना के वर्ष : ?
संगीतकार : ?
गायन : बैतल राम साहु, सुशीला ठाकुर
संस्‍था/लोककला मंच : ?

 

ये गीत ल कविता वासनिक ह घलो गाए हे जेल आपमन मोला जावन देना रे अलबेला मोर म क्लिक करके सुन सकत हव।

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …

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