जा संदेस ले जा … Ja Sandes Le Ja

जा संदेस ले जा रे सुआ-ना

जा संदेस ले जा
जा संदेस ले जा रे सुआ-ना
मोर जोही मइके गे-हे, होगे महीना
मोर जोही मइके गे-हे, होगे महीना
जा संदेस ले जा रे सुआ-ना
मोर जोही मइके गे-हे, होगे महीना
मोर जोही मइके गे-हे, होगे महीना

हरियर रंग के लुगरा पहिरे, चिन्ह लेबे-ना
पांच लर के करधन पहिरे, गिन लेबे-ना
हरियर रंग के लुगरा पहिरे, चिन्ह लेबे-ना
पांच लर के करधन पहिरे, गिन लेबे-ना
पांव में पैजनियाँ~ हो~ओ~ओ~ओ
पांव में पैजनियाँ, हाथ में हे कंगना
हाथ में हे कंगना, हाथ में हे कंगना
जा संदेस ले जा
जा संदेस ले जा रे सुआ-ना
मोर जोही मइके गे-हे, होगे महीना
मोर जोही मइके गे-हे, होगे महीना

मिरगिन कस रेंगना ओकर, नैना कजरेली
हाकी कुंदरू के ओठ, मिश्री घुर बोली
मिरगिन कस रेंगना ओकर, नैना कजरेली
हाकी कुंदरू के ओठ, मिश्री घुर बोली
सबलस हावय ओकर~ हो~ओ~ओ~ओ
सबलस हावय ओकर, झुली-झुली रेंगना
झुली-झुली रेंगना, झुली-झुली रेंगना
जा संदेस ले जा
जा संदेस ले जा रे सुआ-ना
मोर जोही मइके गे-हे, होगे महीना
मोर जोही मइके गे-हे, होगे महीना

हाथ म मेंहदी फबे, माहुर रचे पांव मा
माथ म टिकली सोहे, सेंदुर भरे मांग मा
हाथ म मेंहदी फबे, माहुर रचे पांव मा
माथ म टिकली सोहे, सेंदुर भरे मांग मा
नागिन कस बेनी ओकर~ हो~ओ~ओ~ओ
नागिन कस बेनी ओकर, खोपा में-हे दौना
खोपा में-हे दौना, खोपा में-हे दौना
जा संदेस ले जा
जा संदेस ले जा रे सुआ-ना
मोर जोही मइके गे-हे, होगे महीना
मोर जोही मइके गे-हे, होगे महीना
जा संदेस ले जा रे सुआ-ना
मोर जोही मइके गे-हे, होगे महीना
मोर जोही मइके गे-हे, होगे महीना
मोर जोही मइके गे-हे, होगे महीना


गायन शैली : ?
गीतकार : ?
रचना के वर्ष : ?
संगीतकार : ?
गायन : मिथलेश साहू
संस्‍था/लोककला मंच : ?

 

यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं

गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …

Previous Older Entries

हमारी यह पेशकश आपको पसंद आई ?
अपना ईमेल आईडी डालकर इस ब्लॉग की
सदस्यता लें और हमारी हर संगीतमय भेंट
को अपने ईमेल में प्राप्त करें.

Join 777 other followers

हमसे जुड़ें ...
Twitter Google+ Youtube


.

क्रियेटिव कॉमन्स लाइसेंस


सर्वाधिकार सुरक्षित। इस ब्लॉग में प्रकाशित कृतियों का कॉपीराईट लोकगीत-गाथा/लेख से जुड़े गीतकार, संगीतकार, गायक-गायिका आदि उससे जुड़े सभी कलाकारों / लेखकों / अनुवादकों / छायाकारों का है। इस संकलन का कॉपीराईट छत्तीसगढी गीत संगी का है। जिसका अव्यावसायिक उपयोग करना हो तो कलाकारों/लेखकों/अनुवादकों के नाम के साथ ब्लॉग की लिंक का उल्लेख करना अनिवार्य है। इस ब्लॉग से जो भी सामग्री/लेख/गीत-गाथा/संगीत लिया जाये वह अपने मूल स्वरूप में ही रहना चाहिये, उनसे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ अथवा फ़ेरबदल नहीं किया जा सकेगा। बगैर अनुमति किसी भी सामग्री के व्यावसायिक उपयोग किये जाने पर कानूनी कार्रवाई एवं सार्वजनिक निंदा की जायेगी...

संगी मन के गोठ …

Omkar chandra पर भरथरी (प्रसंग 1. राजा का जोगी…
सिकंदर सोनवानी पर अरपा पैरी के धार … Arpa…
दुर्गेश सिन्हा दुलरव… पर बिहनिया के उगत सुरूज देवता…
पुरुषोत्तम प्रसाद गु… पर मोर झूलतरी गेंदा … Mor J…
Rajesh sonwani पर अरपा पैरी के धार … Arpa…
मिलिन्द साव पर काबर समाये रे मोर, बैरी नैना म…
POONAM पर मोर जतन करो रे … Mor Jat…
Sushil Kumar Sahu पर चौरा मा गोंदा … Chaura M…
जितेन्द्र कुमार साहू पर का तै मोला मोहनी डार दिये गोंद…
देवचन्द साहू पर पिंजरा के सोन चिरैया … P…