उड़ी उड़ी सुवा ना … Udi Udi Suwa Na
13 अक्टू 2010 16s टिप्पणियाँ
in छत्तीसगढ़ी गीत Tags: अलका चन्द्राकर, जस गीत, भक्ति गीत, नवरात्रि गीत

हां~ उड़ी उड़ी सुवा ना, का बोली बोले वो
उड़ी उड़ी सुवा ना, तोर बोली बोले~
(उड़ी उड़ी सुवा ना, का बोली बोले दाई
उड़ी उड़ी सुवा ना, तोर बोली बोले~)
लाली चनारिया मोहनी मुरतिया
देखत मन ला मोहे वो~
उड़ी उड़ी सुवा ना, का बोली बोले वो
उड़ी उड़ी सुवा ना, तोर बोली बोले~
(उड़ी उड़ी सुवा ना, का बोली बोले दाई
उड़ी उड़ी सुवा ना, तोर बोली बोले~)
हे~~ गाँवे शहर मा तोर होथे बड़ाई वो, जा के डोंगरगढ़ मा बसे बम्लाई
(गाँवे शहर मा तोर होथे बड़ाई वो, जा के डोंगरगढ़ मा बसे बम्लाई)
दूसर रूपे मा शारदा कहाये वो, जाके शहर तैं हा मईहर बसाये
(दूसर रूपे मा शारदा कहाये वो, जाके शहर तैं हा मईहर बसाये)
हां~ माथे मा टोकिया, सोन के अंगूठीया, दसों अंगुरिया मा सोहे वो
उड़ी उड़ी सुवा ना, का बोली बोले वो
उड़ी उड़ी सुवा ना, तोर बोली बोले~
(उड़ी उड़ी सुवा ना, का बोली बोले दाई
उड़ी उड़ी सुवा ना, तोर बोली बोले~)
हे~~ चंद्रहासिनी चंदरपुर मा बिराजे वो, हे महामाया रतनपुर मा साजे
(चंद्रहासिनी चंदरपुर मा बिराजे वो, हे महामाया रतनपुर मा साजे)
हां~ डिंडेश्वरी तैं मल्हार मा कहाये वो, जा के जिंहा दाई सोना बरसाये
(डिंडेश्वरी तैं मल्हार मा कहाये वो, जा के जिंहा दाई सोना बरसाये)
हां~ नवदिन नवरात जोत, बरत हे दिया ना, मईया के झूलना झूले वो
उड़ी उड़ी सुवा ना, का बोली बोले वो
उड़ी उड़ी सुवा ना, तोर बोली बोले~
(उड़ी उड़ी सुवा ना, का बोली बोले दाई
उड़ी उड़ी सुवा ना, तोर बोली बोले~)
लाली चनारिया मोहनी मुरतिया, देखत मन ला मोहे वो~
उड़ी उड़ी सुवा ना, का बोली बोले वो
उड़ी उड़ी सुवा ना, तोर बोली बोले~
(हाय उड़ी उड़ी सुवा ना, का बोली बोले दाई
उड़ी उड़ी सुवा ना, तोर बोली बोले~
उड़ी उड़ी सुवा ना, का बोली बोले दाई
उड़ी उड़ी सुवा ना, तोर बोली बोले~
उड़ी उड़ी सुवा ना, का बोली बोले दाई
उड़ी उड़ी सुवा ना, तोर बोली बोले~)
गायन शैली : ?
गीतकार : ?
रचना के वर्ष : ?
संगीतकार : ?
गायिका : अलका चन्द्राकर
एल्बम : माँ के झूले झूलना (सुंदरानी फिल्म्स – विडियो वर्ल्ड)
संस्था/लोककला मंच : ?
यहाँ से आप MP3 डाउनलोड कर सकते हैं
गीत सुन के कईसे लागिस बताये बर झन भुलाहु संगी हो …









अक्टू 13, 2010 @ 11:09:27
बहुत सुंदर नवरात्र गीत मन प्रसन्न हो गया
धन्यवाद
अक्टू 13, 2010 @ 14:09:13
जय जोहार, बने लगत हे तोर मन के ए परयास. नवरात मा देवी के गीत….वा…मजा आगे. बधाई और शुभकामनाएं.
अक्टू 14, 2010 @ 07:04:15
bahut sundar havesabbo gana man, maza aage
फ़र 20, 2011 @ 21:26:46
alkachandrakar hits suwa git
मार्च 15, 2011 @ 15:20:14
alkachandrakar ke git achha lagis he
मार्च 15, 2011 @ 17:22:33
good thans mai bhi yahi chahta tha ki koi chhttisgarh ka name roshan kare thans c g jai
मार्च 26, 2011 @ 21:25:29
bhai ji adbhut hai aapka prayash kabiletarif hai……………..
अप्रै 07, 2011 @ 17:30:42
ye geet bahut achha he aisne geet au pes karaw
जून 19, 2011 @ 12:57:42
best song i am never heard
जुला 20, 2011 @ 14:20:38
bahut badiya dhun he isne au geet sunawat rahaw dhnyawad
अग 04, 2011 @ 16:45:38
का पुरबल के भाग जागे हो रे सुवना ,
तिरया जनम ऐसे आगे ..
छोर के छ्न्दना ऐसे छूटगे माया के बंधना बंधागे ,
मंगनी मया अतेक चिन्हौर मइके पराया लागे,
ननपन भूले झूले झुलना माया के छैहा,
ससुरे के दिन भुलागे ,
सिया बिहा छूटगे तहले,
खटिया गोरसी नोहरागे.
का पुरबल के भाग जागे हो रे सुवना ,
तिरया जनम ऐसे आगे ..
ऐसे के बेरिया कोंन पुछैया,तिरया जनम तिरयागे,
ताना ठोसरा म जिनगी खपगे रोवत गावत पहागे,,
का पुरबल के भाग जागे हो रे सुवना ,
तिरया जनम ऐसे आगे ………..
गीतकार ;-
एमन दास मानिकपुरी
औंरी भिलाई-३ दुर्ग (छ.ग.)
अक्टू 29, 2011 @ 23:41:43
BALRAM SONWANI-9907758042
MUJHE IS TYPE KI WEB SITE KI KAB SE TALASH THAA THANKSH WORDPREES.COM
फ़र 10, 2012 @ 23:58:32
bahut accha he ji
फ़र 24, 2012 @ 23:06:24
i love chattisghar.
फ़र 27, 2012 @ 19:08:21
kripya chhattisgarhi holi geet post kare
मई 09, 2012 @ 17:33:44
anha laga y side ka najara phlibar net se ki c,g song ko downlode kar raha hoooooooooooooooooooooooooo